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ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लखनऊ पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते पॉक्सो एक्ट के मामले में अदालत ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। लखनऊ के अलीगंज थाने में दर्ज मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दोषी किशन बाल्मीकि उर्फ कृष्णा पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। 2022 में बेटी के लापता होने की दी थी सूचना मामला अलीगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर 2022 को एक 13 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी। उसके पिता ने 9 सितंबर को थाने में तहरीर देकर बेटी के लापता होने की सूचना दी। जांच में सामने आया कि आरोपी किशन बाल्मीकि ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस की जांच और सबूतों के आधार पर कोर्ट में चार्जशीट मामले की विवेचना निरीक्षक अनूप कुमार वर्मा ने की। जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्य जुटाए और आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद पुलिस और अभियोजन की ओर से लगातार प्रभावी पैरवी की गई। तीन धाराओं में हुई सजा, सभी सजाएं साथ चलेंगी विशेष न्यायालय एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट-1 लखनऊ ने किशन बाल्मीकि उर्फ कृष्णा को दोषी करार दिया। अदालत ने आईपीसी की धारा 363 में 3 साल का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना, धारा 366 में 7 साल का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना और धारा 376 आईपीसी व 3/4 पॉक्सो एक्ट में 20 साल का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। यानी आरोपी को प्रभावी रूप से 20 साल की सजा भुगतनी होगी।
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लखनऊ कोर्ट का फैसला:13 साल की नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की सजा