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ललितपुर में शनिवार शाम कजरियों का पारंपरिक पर्व मनाया गया। इस अवसर पर सुम्मेरा तालाब में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। ललितपुर शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शाम करीब 5 बजे से सुम्मेरा तालाब पर पहुंचने लगे थे। देर शाम तक कजरियों का तालाब में विधि-विधान से विसर्जन किया गया। विसर्जन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को कजरियां देकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। कजरियों का पर्व बुंदेलखंड की लोक परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। देखें, 2 तस्वीरें… ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कजरियां लेकर एक-दूसरे के घर जाते हैं और आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सम्मान की परंपरा का निर्वहन करते हैं। जखौरा में भी ग्रामीणों ने इस वर्षों पुरानी परंपरा का पालन किया, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदीप साहू और बंटी साहू ने बताया कि कजरियों का पर्व ग्रामीण संस्कृति और आपसी मेलजोल का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
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ललितपुर में मनाया गया कजली पर्व:सुम्मेरा तालाब में विसर्जन, लोगों ने दी शुभकामनाएं