BHU में जलभराव समस्या पर छात्रों का विरोध:बोले- अस्पताल के नालों की सफाई पर हर साल लाखों खर्च फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था


काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रावासों और सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या को लेकर छात्रों ने विरोध दर्ज कराया है। छात्र नेता आशुतोष सिंह ‘यीशु’ ने विश्वविद्यालय निर्माण विभाग के प्रभारी प्रो. आंचल श्रीवास्तव समेत संबंधित अधिकारियों को मौके पर विभिन्न स्थानों पर जलभराव की स्थिति दिखाई और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। छात्रों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के कई हिस्सों में पानी जमा हो जाता है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों, मरीजों, उनके तीमारदारों, शिक्षकों और कर्मचारियों पर पड़ता है। अस्पताल परिसर में जलभराव के कारण मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों को सौंपा लिखित पत्र जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर आशुतोष सिंह ‘यीशु’ ने विश्वविद्यालय निर्माण विभाग को लिखित पत्र भी सौंपा। पत्र में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने, जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर आवश्यक निर्माण कार्य कराने और भविष्य में भारी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था विकसित करने की मांग की गई। आशुतोष सिंह ‘यीशु’ ने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण हिस्सों में समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में केवल बारिश के बाद पानी निकालना इसका समाधान नहीं है। पूरे ड्रेनेज सिस्टम की समीक्षा कर उसकी क्षमता और कमियों को दूर करने की जरूरत है। नालों की सफाई पर लाखों खर्च, फिर भी अस्पताल जलमग्न बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में बेहतर जलनिकासी के लिए हर साल नालों की सफाई कराने का दावा किया जाता है। इसके बावजूद बारिश होते ही जलनिकासी व्यवस्था की खामियां सामने आ जाती हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, इसी साल जून में नालों की सफाई पर करीब 4.96 लाख रुपये खर्च किए गए। वहीं पिछले चार वर्षों में इस मद में कुल करीब 9.67 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2023 में ट्रॉमा सेंटर से वाया महिला महाविद्यालय जाने वाले आरसीसी स्टॉर्म-वॉटर ड्रेन और अस्पताल के ओपन ड्रेन की सफाई के लिए टेंडर निकाला गया था। इस दौरान नाला सफाई पर करीब 4.71 लाख रुपये खर्च हुए थे। इसके बाद जून 2026 में भी करीब 4.96 लाख रुपये सफाई पर खर्च किए गए। यानी दो प्रमुख सफाई कार्यों में ही लगभग 9.67 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। करीब एक किलोमीटर लंबा है स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम बीएचयू अस्पताल परिसर में करीब एक किलोमीटर लंबा स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम बताया जाता है। अधिकारियों के अनुसार इसकी हर साल सफाई कराई जाती है। हालांकि, लगातार जलभराव की स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि क्या मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क अस्पताल की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त है। इस साल हुई भारी बारिश के दौरान अस्पताल परिसर के कई हिस्से जलमग्न हो गए और कई जगहों पर घंटों तक पानी जमा रहा। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी हुई।

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