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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामला मामला 28 अगस्त को तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के कार्यक्रम से जुड़ा है।
आरोप है कि कोर्ट ने कार्यक्रम के लिए दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक का समय दिया था। लेकिन आयोजकों ने तय समय के बाद भी कार्यक्रम जारी रखा।
शिकायत के मुताबिक, टीएमसी समर्थकों ने बैरिकेड हटाए,। पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की,। कैथेड्रल रोड पर ट्रैफिक ब्लॉक किया।

कोलकाता के कैथेड्रल रोड पर तृणमूल छात्र परिषद का स्थापना दिवस मनाया गया।
ममता की स्पीच, 3 बड़ी बातें; कहा- भाजपा ने पुलिस को राक्षस बना दिया
1. भाजपा सरकार में पुलिस का खराब रवैया: TMC के शासन में पुलिस का मानवीय चेहरा था, लेकिन BJP ने पुलिस को राक्षसी संस्था में बदल दिया। ममता ने कहा कि वह अपने समर्थकों के खिलाफ “पुलिस की ज्यादती” रोकेंगी। उन्होंने कहा कि यह रक्षाबंधन पर उनका संकल्प है।
2. बंगाल में भाजपा की विभाजनकारी नीति: ममता ने BJP पर बंगाल में विभाजनकारी राजनीति करने और पुलिस के जरिए लोगों में डर फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पूरे राज्य का दौरा शुरू करेंगी और अगर उनकी सभाओं की अनुमति नहीं मिली तो सड़कों पर उतरकर लोगों के बीच जाएंगी। मैं देखूंगी कि उनके पास कितने अंडे और ईंटें जमा हैं।
3. अतिक्रमण को लेकर सरकार पर निशाना: फुटपाथों से हॉकरों को हटाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन उनको दूसरी जगह देनी चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं कर सकती तो उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये मुआवजा देना चाहिए।

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