महोबा में 6 घंटे की बारिश से हाईवे डूबा:200 से ज्यादा दुकानों में घुसा पानी, रक्षाबंधन का सामान बर्बाद; लाखों का नुकसान


महोबा के कुलपहाड़ कस्बे में गुरुवार सुबह हुई छह घंटे की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जल निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने से झांसी-मिर्जापुर हाईवे करीब आधा किलोमीटर तक 3 से 4 फीट पानी में डूब गया। वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। वहीं कस्बे के मुख्य बाजार की करीब 80 प्रतिशत दुकानें पानी की चपेट में आ गईं। बारिश का पानी 200 से अधिक दुकानों और कई घरों में घुस गया। रक्षाबंधन को देखते हुए व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में सामान खरीदकर रखा था। पानी भरने से इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, मोबाइल और अन्य सामान खराब हो गया। व्यापारियों ने लाखों रुपए के नुकसान का दावा किया है। 6 घंटे तक होती रही बारिश, हाईवे पर 3-4 फीट पानी बारिश सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई और लगातार छह घंटे तक जारी रही। सबसे ज्यादा असर झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर दिखाई दिया। करीब आधा किलोमीटर हिस्से में 3 से 4 फीट तक पानी भर जाने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई। पानी इतना ज्यादा था कि वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। राहगीरों और वाहन चालकों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा। नाले चोक होने से बाजार में घुसा पानी कस्बे का मुख्य बाजार भी जलभराव से जूझता रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जल निकासी के लिए बने नाले लंबे समय से चोक हैं। बारिश का पानी निकलने की जगह बाजार की ओर आ गया और करीब 80 प्रतिशत बाजार में पानी भर गया। रक्षाबंधन से पहले व्यापारियों ने राखी, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान का स्टॉक किया था। कुछ ही घंटों में पानी दुकानों के अंदर पहुंचने से सामान खराब हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी बोले- 8 लाख का सामान खराब इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी मुजीब अली ने बताया कि बाजार की 200 से अधिक दुकानों में करीब 5 से 7 लाख रुपए तक के नुकसान का अनुमान है। उनकी दुकान में रखा करीब 8 लाख रुपए का फ्रिज, कूलर और वॉशिंग मशीन का सामान पानी में डूबकर खराब हो गया। सर्राफा व्यापारी रामजी सोनी और अनिल कुमार ने बताया कि दुकानों के काउंटर, अलमारियां और अन्य सामान पानी में भीग गया। इससे उन्हें भी भारी नुकसान हुआ है। कपड़े और मोबाइल की दुकानों में भी घुसा पानी कपड़ा व्यापारी शिवराम नामदेव और मोबाइल दुकानदार रामबाबू सोनी के मुताबिक, उनकी दुकानों में करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया। दुकानदार खुद ही पानी निकालने में जुटे रहे। व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के ठीक पहले हुए जलभराव से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सामान खराब होने के साथ कई दिनों तक कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। घरों और कॉलोनियों में भी जलभराव बाजार के अलावा राजपूत कॉलोनी समेत कस्बे के कई रिहायशी इलाकों में भी बारिश का पानी भर गया। लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई। स्थानीय नागरिक अरुण कुमार ने बताया कि क्षेत्र में बड़े नालों के बजाय छोटी नालियां हैं। तेज बारिश होने पर पानी की निकासी नहीं हो पाती और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। नुकसान के बाद जागा नगर पंचायत, JCB से नाले खुलवाने का काम जलभराव की सूचना के बाद नगर पंचायत ने जेसीबी मशीनें लगाकर बंद पड़े नालों को खुलवाने और हाईवे से पानी हटाने का काम शुरू किया। प्रशासन की ओर से पानी निकासी की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि, आक्रोशित व्यापारियों का आरोप है कि मानसून से पहले जिन नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए थी, वह काम अब नुकसान होने के बाद शुरू किया जा रहा है। व्यापारियों ने मांगा मुआवजा और स्थायी समाधान जलभराव से प्रभावित व्यापारियों ने शासन-प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बड़े नालों का निर्माण और मौजूदा नालों की नियमित सफाई कराई जाए, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान हाईवे, बाजार और रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति न बने।

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