जश्न-ए-चिरागा की नूर-ए-कश्ती बनीं चर्चा:कानपुर में 2 लाख लोग देखने पहुंचे, 90 फुट ऊंचा और 100 फुट लंबा जहाज रंगीन रौशनी में जगमगाया


पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर एक रात पहले जश्न-ए-चिरागा की मंगलवार की रात कानपुर में मुस्लिम इलाकों की सजावट आकर्षण का केंद्र रही। बाबूपुरवा में अंजुमन फिदाय कमेटी की ओर से तैयार किया गया नूर-ए-कश्ती का विशाल मॉडल लोगों के बीच खास चर्चा में रहा। मंगलवार रात बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे। 100 फुट लंबी और 90 फुट उंची नूर ए कश्ती बनीं कानपुर में चर्चा रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाती सफेद रंग की विशाल कश्ती को देखकर लोग हैरान रह गए। कमेटी के सदस्य खुर्शीद के मुताबिक, कश्ती की लंबाई करीब 100 फीट और ऊंचाई 90 फीट रखी गई है। इसे तैयार करने में करीब ढाई महीने का समय लगा और लगभग 3 लाख रुपए खर्च हुए। कमेटी के सदस्यों ने खुद नूर ए कश्ती तैयार किया मॉडल
खुर्शीद ने बताया कि नूर-ए-कश्ती का मॉडल कमेटी के सदस्यों ने मिलकर तैयार किया है। इसे इस तरह सजाया गया कि रात में रोशनी के बीच कश्ती बेहद आकर्षक नजर आए। मंगलवार को बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे और मॉडल को अपने कैमरों में कैद किया। 25 साल से सजावट कर रही कमेटी
अंजुमन फिदाय कमेटी पिछले करीब 25 वर्षों से जश्न-ए-चिरागां के मौके पर सजावट और आकर्षक मॉडल तैयार करती आ रही है। हर साल अलग-अलग थीम पर गेट, मॉडल या धार्मिक वास्तुकला से जुड़े ढांचे तैयार किए जाते हैं। कानपुर के मुस्लिम बहुल इलाकों में भी इस मौके पर अलग-अलग तरह की सजावट देखने को मिलती है। कहीं भव्य गेट तो कहीं मस्जिद की मीनार की तर्ज पर मॉडल तैयार किए जाते हैं। जश्न-ए-चिरागां को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर रोशनी और सजावट के साथ मनाया जाता है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *