चीनी की बढ़ी कीमतों का असर मिठाई पर:कानपुर में रक्षाबंधन पर 5% दाम बढ़े, दुकानदार बोले- मेवा भी महंगा हुआ, लागत बढ़ गई है


चीनी की बढ़ी कीमतों का असर रक्षाबंधन की मिठाई के दामों पर दिखाई दे रहा है। कानपुर में दैनिक भास्कर ने शहर के प्रसिद्ध मिठाई दुकानदारों से चीनी के दामों का मिठाई पर पड़ रहे असर को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि मिठाई तैयार करने के लिए चीनी के साथ ही अन्य मैटेरियल के भी दाम बढ़े हैं। इससे लागत बढ़ गई है। हालांकि, अभी मिठाई के दामों में 5% बढ़ोतरी की गई है। वहीं, कुछ दुकानदारों का कहना है कि भाई-बहन का त्योहार है, इसलिए अभी कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं। लेकिन भविष्य में अगर यही स्थिति रही तो मिठाई के दाम बढ़ाए जाएंगे। पढ़िए रिपोर्ट… रक्षाबंधन में घेवर की मांग सबसे ज्यादा
शहर की 125 साल पुरानी मिठाई दुकान भीखाराम महावीर प्रसाद के मालिक गिरजा शंकर गुप्ता ने बताया कि दुकान पर 1901 से मिठाई का कारोबार किया जा रहा है। रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा मांग घेवर की रहती है। उन्होंने बताया कि चीनी महंगी होने के साथ घेवर बनाने में इस्तेमाल होने वाली दाल, देशी घी और मेवा के दाम भी बढ़े हैं। मिठाई तैयार करने में जरूरी सामग्री की लागत में करीब 20% तक की बढ़ोतरी हुई है। चीनी की कीमत बढने से मिठाई के दाम 5% बढ़ाए
गिरजा शंकर के मुताबिक लागत बढ़ने के कारण मिठाई के दाम में करीब 5% की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, उनका कहना है कि यह बढ़ोतरी लागत के मुकाबले काफी कम है। मेवा के दाम में भी तेजी आई है। पिस्ता और बादाम के रेट में बीते दिनों करीब एक हजार रुपए तक का अंतर आया है। इसके अलावा ईंधन महंगा होने से मिठाई की लागत पहले से ही बढ़ी हुई है। घेवर के दाम 5% बढाए
बिरहाना रोड स्थित बुद्धसेन स्वीट्स के मालिक राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी दुकान की शुरुआत 1928 में हुई थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा चीनी कीमतों का असर मिठाई की लागत पर पड़ा है। इसके साथ ही अन्य सामग्री भी महंगी हुई है, लेकिन रक्षाबंधन के मौके पर सामान्य मिठाइयों के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भाई-बहन के प्यार के इस त्योहार पर दो दिन के लिए ग्राहकों पर कीमत बढ़ाने का बोझ नहीं डालना चाहते। हालांकि, घेवर के दाम में करीब 5% की बढ़ोतरी की गई है। लागत बढ़ी, मार्जिन हुआ कम
राकेश कुमार ने बताया कि मिठाई तैयार करने वाली सामग्री की कीमतों में 10% से ज्यादा का असर पड़ा है। इससे दुकानदारों का मार्जिन कम हो गया है। उनका कहना है कि अगर आने वाले दिनों में कच्चे माल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो मिठाइयों के दाम भी बढ़ाने पड़ेंगे।

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