पीएम मोदी को सपा सांसद वीरेंद्र सिंह का खुला पत्र:चंदौली-मिर्जापुर के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने की मांग की


चंदौली लोकसभा सीट से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर चंदौली, मिर्जापुर और आसपास के धार्मिक, आध्यात्मिक, प्राकृतिक व ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर व्यापक पर्यटन सर्किट बनाने का सुझाव दिया है। सांसद ने वाराणसी को केंद्र में रखते हुए इन क्षेत्रों को एक पर्यटन एवं आध्यात्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की मांग की है। सांसद का कहना है कि चंदौली में गंगा के किनारे का बड़ा क्षेत्र धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध है। यह इलाका बाबा कीनाराम, मौनी बाबा, त्रिदंडी स्वामी, स्वामी प्रेमानंद जी और संत खड़िया बाबा जैसी विभूतियों की तपोस्थली रहा है। इसके अलावा बरठी का बाबा कालेश्वर नाथ मंदिर, नौगढ़ का किला और बांध भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि नौगढ़ के प्राकृतिक क्षेत्र में राजदारी-देवदारी जलप्रपात, मिर्जापुर का लखनिया दरी और चुनार का ऐतिहासिक किला भी इस सर्किट से जोड़े जा सकते हैं। इन स्थलों को एक पैकेज के रूप में विकसित करने से वाराणसी आने वाले पर्यटकों का ठहराव बढ़ाया जा सकता है। एक दिन के बजाय दो या अधिक दिन रुकेंगे पर्यटक सांसद वीरेंद्र सिंह के अनुसार, अभी बड़ी संख्या में पर्यटक वाराणसी आते हैं, लेकिन सीमित समय के कारण आसपास के जिलों के पर्यटन स्थलों तक नहीं पहुंच पाते। यदि चंदौली और मिर्जापुर के प्रमुख स्थलों को वाराणसी से जोड़कर सुविधाएं विकसित की जाएं तो पर्यटकों का प्रवास एक दिन से बढ़कर दो या उससे अधिक दिनों का हो सकता है। इससे स्थानीय होटल, होम स्टे, परिवहन और पर्यटन गाइड के काम को बढ़ावा मिलेगा। हस्तशिल्प, खान-पान और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। धार्मिक स्थलों के साथ प्राकृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने का सुझाव सांसद ने पत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के साथ प्राकृतिक पर्यटन को भी विकसित करने पर जोर दिया है। नौगढ़, राजदारी-देवदारी और लखनिया दरी जैसे स्थान प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं चुनार का किला और नौगढ़ का किला ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। उनका कहना है कि इन सभी स्थलों को जोड़कर एक समेकित पर्यटन मार्ग विकसित किया जाए, ताकि पर्यटकों को एक ही यात्रा में धार्मिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन का अनुभव मिल सके। स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यटन सर्किट बनने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के कई नए अवसर पैदा होंगे। होटल और होम स्टे से लेकर टैक्सी, गाइड, हस्तशिल्प, स्थानीय खान-पान और अन्य छोटे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। वाराणसी को पूर्वांचल के पर्यटन का प्रवेशद्वार बनाने की मांग सांसद ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास योजनाओं को केवल वाराणसी की सीमाओं तक सीमित रखने के बजाय क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। वाराणसी से चंदौली, मिर्जापुर और आसपास के प्रमुख स्थलों को जोड़ने से इसका लाभ बड़े क्षेत्र की जनता को मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास से जुड़े मामलों में विपक्षी सांसदों के रचनात्मक सुझावों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। लोकतंत्र में राजनीतिक विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन जनता और क्षेत्र के विकास से जुड़े अच्छे सुझाव किसी दल की सीमा में नहीं बंधने चाहिए। सांसद ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि काशी को केवल एक शहर के रूप में नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के पर्यटन, आध्यात्मिकता, संस्कृति और आर्थिक विकास के प्रवेशद्वार के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जाए।

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