जौनपुर केभगवान दास इंटर कॉलेज में फर्जी नियुक्तियों का आरोप:मामला हाईकोर्ट पहुंचा, दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच जारी


जौनपुर के हिंदी बघेल गांव स्थित डॉ. भगवान दास इंटरमीडिएट कॉलेज में कथित फर्जी नियुक्तियों को लेकर विवाद गहरा गया है। यह मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। कॉलेज में दो प्रबंधकों के बीच चल रहे विवाद के कारण यह विद्यालय लंबे समय से चर्चा में है। कॉलेज की अध्यक्ष मंजू रानी श्रीवास्तव ने पूर्व प्रबंधक नीलमणि श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नीलमणि श्रीवास्तव ने अपने प्रबंधकीय कार्यकाल के दौरान अपने दोनों बेटों को कथित तौर पर फर्जी तरीके से विद्यालय में बाबू के पद पर नियुक्त कराया। आरोप है कि इन नियुक्तियों के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे। शिकायतकर्ता मंजू रानी श्रीवास्तव के अनुसार, नीलमणि श्रीवास्तव के एक बेटे की नियुक्ति पहले तेजी बाजार स्थित एक इंटरमीडिएट कॉलेज में हुई थी। बाद में कथित आपसी सहमति से उसका स्थानांतरण डॉ. भगवान दास इंटरमीडिएट कॉलेज, हिंदी बघेल में कर दिया गया। मंजू रानी का दावा है कि संबंधित पद के लिए उनके बेटे के पास आवश्यक शैक्षिक योग्यता भी नहीं थी। दूसरी ओर, पूर्व प्रबंधक नीलमणि श्रीवास्तव ने भी वर्तमान अध्यक्ष मंजू रानी श्रीवास्तव के पति उमाकांत श्रीवास्तव के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों और विभिन्न विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर शिक्षा निदेशालय में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने उमाकांत श्रीवास्तव के शैक्षणिक अभिलेखों और प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति की वैधता की जांच की मांग की है। इस मामले में भी जांच जारी है और कुछ अभिलेखों का सत्यापन किया जा चुका है। मंजू रानी श्रीवास्तव ने दोहराया है कि नीलमणि श्रीवास्तव ने अपने प्रबंधकीय कार्यकाल में अपने बेटों की फर्जी नियुक्तियां करवाईं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित संबंधित जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया गया है। इस मामले में पूर्व प्रबंधक नीलमणि श्रीवास्तव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए वह इस पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते। नीलमणि श्रीवास्तव ने कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसे स्वीकार किया जाएगा।

वहीं, नीलमणि श्रीवास्तव के खिलाफ शिकायत करने वाले कॉलेज प्रबंधक का आरोप है कि वह अपने दोनों बेटों को बचाने के लिए हाईकोर्ट और ज्वाइंट डायरेक्टर समेत अन्य अधिकारियों के सामने मनगढ़ंत तथ्य प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। कॉलेज से जुड़े दोनों पक्षों से साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। अभिलेखों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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