![]()
उत्तर प्रदेश में जियोटैग ऐप के माध्यम से लागू की गई वाहन टैगिंग व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को चकरपुर सब्जी मंडी में व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। हरी सब्जी, फल, आलू, प्याज सहित कृषि उत्पादों के व्यापारियों ने कारोबार बंद रखा। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन ई-मेल के माध्यम से भेजा गया। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर वाहन टैगिंग व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो मंडी परिषद कार्यालय, किसान भवन गोमती नगर, लखनऊ में प्रदेशभर के कृषि उत्पाद व्यापारियों के साथ अनिश्चितकालीन धरना और अनशन शुरू किया जाएगा। कई बार आ रही तकनीकी समस्या भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ऑनलाइन व्यवस्था पहले से संचालित है। इसके बावजूद एक जुलाई 2026 से वाहन लोडिंग और अनलोडिंग के समय जियोटैग ऐप के जरिए वाहन टैगिंग की अतिरिक्त व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों वाहन टैगिंग व्यवस्था कई बार घंटों ठप रही। ओटीपी नहीं आने के कारण गेट पास नहीं बन सके। बाद में कॉमन ओटीपी जारी करना पड़ा। बार-बार तकनीकी समस्या सामने आने से साफ है कि व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। व्यापारियों को हो रहा भारी नुकसान ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि प्रदेश में करीब 251 गल्ला और सब्जी मंडियां हैं, जिनमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। कई व्यापारियों के पास पर्याप्त तकनीकी संसाधन और डिजिटल जानकारी नहीं है। इससे व्यापार के साथ किसानों की उपज की बिक्री और विपणन भी प्रभावित हो रहा है। हरी सब्जी और फल जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों में समस्या और गंभीर है। वाहन समय पर रवाना नहीं होने से करोड़ों रुपये की उपज खराब होने की आशंका है। 451 व्यापारियों को नोटिस दिए उन्होंने बताया कि जुलाई और अगस्त में प्रयोग के तौर पर लागू व्यवस्था के दौरान वाहन टैगिंग में तकनीकी गलतियों को लेकर प्रदेश में 451 व्यापारियों और उद्यमियों को नोटिस दिए गए हैं। चार व्यापारियों से पेनाल्टी भी जमा कराई गई है। व्यापारियों ने इन नोटिसों को वापस लेने की मांग की। व्यापारियों को हो रही परेशानी व्यापारियों का कहना है कि छोटे वाहन अक्सर ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचकर बड़े वाहनों में माल स्थानांतरित करते हैं। ऐसे में दोबारा टैगिंग कराना संभव नहीं होता। केवल समय-सीमा समाप्त होने के आधार पर दंड लगाना उचित नहीं है। चकरपुर मंडी के व्यापारी पंकज कुशवाहा ने कहा कि ओटीपी नहीं आने से हरी सब्जी, आलू, प्याज और फल कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ है। कारोबारी सौरभ पांडेय ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था से प्रदेशभर के कृषि उत्पाद व्यापारी परेशान हैं। केके गुप्ता ने गेट पास की समय-सीमा खत्म करने की मांग की। व्यापारियों ने वाहन टैगिंग व्यवस्था वापस लेने, 451 व्यापारियों को जारी नोटिस वापस लेने, गेट पास की समय-सीमा समाप्त करने और मंडी व्यवस्था से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की। प्रदर्शन में प्रखर श्रीवास्तव, अनुज त्रिपाठी, शिव प्रताप परिहार, सुरेश नन्हे पाल, मोइन खान, संजय श्रीवास्तव, एजाज अहमद, निखिल गुप्ता, जितेंद्र शाक्य समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
Source link
कानपुर में वाहन टैगिंग से सब्जी कारोबार ठप:चकरपुर मंडी में व्यापारियों ने दिया धरना, बोले- ओटीपी फेल, गेट पास अटके