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शामली में 13 साल की किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) अशोक भारतेंदु की अदालत ने आरोपी मनोज को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे 20 साल का कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दुष्कर्म के लिए 10 वर्ष और पोक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष की सजा सुनाई गई है, जो साथ-साथ चलेंगी। पड़ोस में रहने वाली किशोरी से की थी वारदात जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र मलिक ने बताया कि दोषी मनोज बागपत के लोयन मलकपुर गांव का रहने वाला है। वह शामली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में किराए के मकान में रहता था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी उसके घर खेलने के लिए आती-जाती थी। आरोप था कि मनोज ने किशोरी के घर आने का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी ने घर पहुंचकर अपनी मां को घटना की जानकारी दी। इसके बाद 18 मार्च 2023 को उसकी मां ने शामली कोतवाली में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मेडिकल के बाद आरोपी को किया था गिरफ्तार मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपी मनोज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। 11 गवाहों ने अदालत में दी गवाही मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 11 गवाह पेश किए। मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश अशोक भारतेंदु ने मनोज को दोषी करार दिया। अदालत ने दुष्कर्म के लिए 10 वर्ष और पोक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अलावा दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा:शामली कोर्ट ने 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, 11 गवाहों ने दी गवाही