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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ), एंटी करप्शन और विजिलेंस की कथित गलत और दुर्भावनापूर्ण ट्रैप कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से भेजा है। संघ ने अयोध्या के सोहावल तहसील में 20 अगस्त को लेखपाल उत्कर्षदीप के साथ हुई कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। लेखपाल संघ का तर्क है कि भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण या नियमविरुद्ध कार्य न करने पर संबंधित लोगों में रंजिश पैदा हो सकती है, जिससे झूठी शिकायतों के जरिए कर्मचारियों को फंसाने की आशंका रहती है। संघ ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष कर्मचारी को षड्यंत्रपूर्वक फंसाया जाना स्वीकार्य नहीं है। इसी मांग को लेकर प्रदेश के 75 जनपदों और 351 तहसीलों में लेखपालों ने एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान थाना दिवस का बहिष्कार भी किया गया। ज्ञापन में सोहावल प्रकरण की एसआईटी या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है। इसमें सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की समीक्षा पर भी जोर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, रंजिश और शिकायत की वास्तविकता की जांच अनिवार्य करने की मांग की गई है। संघ ने एसीओ और विजिलेंस के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने की भी अपील की है।
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लेखपालों का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन:फर्जी ट्रैप पर रोक की मांग, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर स्पष्ट SOP की अपील