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शाहजहांपुर में जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के बाद अब भगवान परशुराम की तस्वीर और नए नाम वाला साइन बोर्ड चर्चा में है। बरेली मोड़ पर साउथ सिटी के पास लगाया जाने वाला यह बोर्ड कई दिनों से सड़क किनारे कूड़े के ढेर के पास पड़ा है। बोर्ड के आसपास गंदगी फैली है और लोग उसके पास पेशाब कर रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। बोर्ड पर भगवान परशुराम की तस्वीर के साथ कांट 11 किलोमीटर, गंगा एक्सप्रेस-वे 25 किलोमीटर और परशुरामपुरी 27 किलोमीटर की दूरी लिखी है। बोर्ड के नीचे निर्माण खंड-1, लोक निर्माण विभाग, शाहजहांपुर अंकित है। गुरुवार को सामने आई तस्वीरों में भगवान परशुराम की तस्वीर खुले तौर पर दिखाई दे रही थी। शुक्रवार को सामने आए वीडियो में तस्वीर को अखबार के टुकड़े से ढका हुआ देखा गया। 6 जुलाई को जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट ने 6 जुलाई 2026 को जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने का फैसला लिया था। फैसले के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इसका स्वागत किया था। इसके बाद तहसील और थाने के नाम में भी परशुरामपुरी दर्ज किया गया। नाम बदलने के फैसले के बाद क्षेत्र में लोगों ने खुशी जताई थी। जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने भी इस फैसले को लेकर कार्यक्रम किए और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। परशुरामपुरी के रास्ते में लगाया जाना है साइन बोर्ड शाहजहांपुर शहर से परशुरामपुरी की ओर जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए बरेली मोड़ पर साइन बोर्ड लगाया जाना है। इसी उद्देश्य से तैयार किया गया बोर्ड पिछले कई दिनों से साउथ सिटी के सामने सड़क किनारे कूड़े के पास पड़ा हुआ है। बोर्ड के आसपास कूड़ा और गंदगी फैली है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां लोग नियमित रूप से पेशाब भी करते हैं। ऐसे में भगवान परशुराम की तस्वीर और नाम वाले बोर्ड को इस हालत में पड़े देख लोगों में नाराजगी है। पहले तस्वीर खुले में थी, अब अखबार से ढकी मिली बोर्ड की स्थिति को लेकर सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। गुरुवार को बोर्ड की तस्वीर सामने आई, जिसमें भगवान परशुराम की तस्वीर स्पष्ट दिखाई दे रही थी। इसके अगले दिन शुक्रवार को सामने आए वीडियो में तस्वीर अखबार के टुकड़ों से ढकी हुई दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों को बोर्ड के सड़क किनारे पड़े होने की जानकारी है तो इसे वहां से हटाकर निर्धारित स्थान पर लगाया जाना चाहिए। बोर्ड के आसपास गंदगी होने से धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात भी कही जा रही है। हिंदू जागृति मंच ने दी आंदोलन की चेतावनी मामले को लेकर हिंदू जागृति मंच के पदाधिकारी राजेश अवस्थी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम की तस्वीर और नाम वाले बोर्ड को इस तरह कूड़े के पास पड़े रहने देना उचित नहीं है। राजेश अवस्थी ने कहा कि शनिवार तक बोर्ड को उसकी सही जगह पर नहीं लगाया गया तो संगठन के पदाधिकारी जिलाधिकारी से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा। जिम्मेदार विभाग पर उठ रहे सवाल परशुरामपुरी नाम दिए जाने के बाद शहर के प्रमुख मार्ग पर लगाया जाने वाला साइन बोर्ड कई दिनों से सड़क किनारे पड़ा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बोर्ड लगाने की जिम्मेदारी किस विभाग की है और उसे अब तक निर्धारित स्थान पर क्यों नहीं लगाया गया। फिलहाल प्रशासन या लोक निर्माण विभाग की ओर से बोर्ड को हटाने या लगाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों की नजर अब इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में कब कार्रवाई करता है।
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परशुरामपुरी साइन बोर्ड कूड़े में पड़ा, तस्वीर के पास गंदगी:भगवान परशुराम की तस्वीर अखबार से ढकी; हिंदू संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी