कंगना के 'गटर जनरेशन' वाले बयान पर आगरा में सुनवाई:वादी पक्ष अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष, कोर्ट ने 3 सितंबर दी अगली तारीख


भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कथित तौर पर ‘गटर जेनरेशन’ कहने के मामले में शुक्रवार को आगरा की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में करीब एक घंटे तक बहस हुई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कंगना के सोशल मीडिया बयान को छात्रों और उनके माता-पिता का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मामले में 3 सितंबर 2026 को आदेश सुनाने की तारीख तय की है। क्या है पूरा मामला मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ा है। याचिकाकर्ता वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई हुई और इसके बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। याचिका के अनुसार, कंगना ने प्रदर्शन से जुड़े वीडियो देखने के बाद वहां के माहौल और प्रदर्शनकारियों की भाषा पर टिप्पणी की। उन्होंने प्रदर्शन करने वाले युवाओं के एक वर्ग को ‘गटर जेनरेशन’ बताया और उनके माता-पिता की परवरिश पर भी सवाल उठाए। कंगना के इस बयान के बाद उनके खिलाफ आगरा की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में वाद दायर किया गया। करीब एक घंटे चली बहस याचिकाकर्ता की ओर से रमाशंकर शर्मा के साथ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान, राजवीर सिंह, सुमंत चतुर्वेदी, प्रीति गुप्ता समेत अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। दोनों पक्षों की करीब एक घंटे तक चली बहस सुनने के बाद कोर्ट ने 3 सितंबर को आदेश सुनाने की तारीख तय की है। फिलहाल मामला कोर्ट के विचाराधीन है और कंगना रनौत के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अदालत का अंतिम आदेश 3 सितंबर को आएगा। कंगना ने क्यों दिया था बयान कंगना ने जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े सोशल मीडिया वीडियो और रील्स पर प्रतिक्रिया देते हुए यह टिप्पणी की थी। उन्होंने प्रदर्शन में इस्तेमाल भाषा और कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई थी। बाद में कंगना ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने पूरी Gen-Z पीढ़ी को ‘गटर जेनरेशन’ नहीं कहा था, बल्कि प्रदर्शन में शामिल एक वर्ग को लेकर यह टिप्पणी की थी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने याचिका स्वीकार की थी इस मामले में पिछली तारीख पर आगरा की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने कंगना के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था। इसके बाद 21 अगस्त को दोनों पक्षों की बहस के लिए तारीख तय की गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, मामले में कंगना की सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य संबंधित सामग्री को आधार बनाया गया है। आज बहस में याचिकाकर्ता ने क्या कहा शुक्रवार को याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने दलील दी कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई के बाद कंगना की ओर से सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी आपत्तिजनक थी। उन्होंने कोर्ट में सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े साक्ष्य और समाचार पत्रों में प्रकाशित सामग्री भी पेश की। वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान और राजवीर सिंह ने भी बहस में हिस्सा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों और उनके अभिभावकों का अपमान किया गया। राजवीर सिंह की ओर से बीबीसी लंदन की रिकॉर्डिंग भी कोर्ट में पेश किए जाने की बात कही गई।

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