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मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय पर दलित, किसान नेता की मारपीट मामले में विपक्ष हमलावर हो गया। सपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों की तरफ से अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस घटना की निंदा की गई है।
विपक्षी दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए लिखा कि अब जायज मांगों और अधिकारों के लिए आवाज उठाना भी अपराध बन गया है।
कांग्रेस बोली योगी सरकार में मानवाधिकार ध्वस्त
यूपी कांग्रेस की तरफ से लिखा गया कि योगी सरकार में लोकतंत्र और मानवाधिकार पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं!
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन के नेता दिग्विजय भाटी जी के साथ मेरठ पुलिस की यह बर्बरता ‘जंगलराज’ का भयानक चेहरा है।
पीड़ित किसान नेता का आरोप है कि उन्हें बंद कमरे में घंटों बेरहमी से पीटा गया, थर्ड डिग्री टॉर्चरी दी गई और यहां तक कि गानों पर जबरन नचाकर अपमानित किया गया। वीडियो में उनकी सूजी हुई बंद आंख और गंभीर चोटें पुलिस की इस दरिंदगी की गवाही दे रही हैं।
भाजपा सरकार का यह तानाशाही रवैया ना काबिल-ए-बर्दाश्त है! आप बोली सख्त कार्रवाई की जाए
आम आदमी पार्टी की तरफ से लिखा गया कि सत्ता के नशे में चूर पुलिस प्रशासन अब अन्नदाता के सम्मान पर वार करने लगा है!
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन के नेता दिग्विजय भाटी जी के साथ मेरठ पुलिस ने की बर्बरता! बंद कमरे में थर्ड डिग्री टॉर्चर, बेरहमी से पिटाई और उन्हें गानों पर जबरन नचाना—पुलिस प्रशासन अब ‘जंगलराज’ का चेहरा बन चुका है! उनकी सूजी हुई आँखें और गंभीर चोटें पुलिस की बर्बरता का जीता-जागता प्रमाण हैं।
अपनी जायज़ माँगों और अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना अब अपराध बन चुका है।
इस अमानवीय कृत्य के लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
चंद्रशेखर आजाद बोले ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेंगे
आजाद समाज पार्टी प्रमुख नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि ·
मेरठ में मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी के साथ पुलिस हिरासत में हुई बर्बरता कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल करने वाली हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय ने दोनों को अपने कार्यालय बुलाकर गालियां दीं और चैंबर बंद कर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद SOG के हवाले कर उन्हें पैर बांधकर उल्टा लटकाने और फट्टों लाठियों से बेरहमी से पीटने का भी आरोप है।
मुख्यमंत्री MYogiAdityanath जी, यह पुलिसिंग नहीं, बल्कि वर्दी की ताकत का खुला दुरुपयोग और हिरासत में यातना है। किसी भी अधिकारी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। Government of UP तत्काल CCTV फुटेज सुरक्षित कराए, पीड़ितों का स्वतंत्र मेडिकल परीक्षण कराए और आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
वर्दी कानून से बड़ी नहीं है और आम नागरिकों की आवाज को पुलिसिया ताकत के बल पर दबाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। अखिलेश बोले- किसान का अपमान, देश का अपमान
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा- भाजपा ने किसान के मुंह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है, वो माफी लायक नहीं है। इससे पता चलता है कि हार के डर से वो कितनी बौखलाई है।
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मेरठ SSP की थर्ड डिग्री पर विपक्ष हमलावर:राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट, जायज मांगों की आवाज उठाना अपराध बन गया