राम मंदिर चंदा-चढ़ावा चोरी को कांग्रेस बनाएगी मुद्दा:राजेंद्र पाल गौतम बोले-आस्था से धोखा, एक सप्ताह में घर-घर जाएंगे


अयोध्या के राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे चोरी को लेकर कांग्रेस देशव्यापी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर करोड़ों-अरबों रुपए के चंदे और चढ़ावे में चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अगले एक सप्ताह में घर-घर जाकर अभियान चलाएगी और जनता के बीच कथित चंदा-चढ़ावा चोरी के मामले को बड़े स्तर पर उजागर करेगी। ‘SIT की रिपोर्ट सीलबंद तो मीडिया तक जानकारी कैसे पहुंची?’ राजेंद्र पाल गौतम ने SIT की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने SIT को अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट/स्टेटस रिपोर्ट बंद लिफाफे में दाखिल करने को कहा था। ऐसे में SIT की जांच से जुड़े गोपनीय तथ्य मीडिया में कैसे सामने आए? उन्होंने सवाल किया कि अगर मीडिया में आई खबरों के मुताबिक SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र को क्लीन चिट दी गई है, तो सरकार पूरी SIT रिपोर्ट और क्लीन चिट का आधार जनता के सामने क्यों नहीं रख रही है? कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मामले की वर्तमान कानूनी स्थिति क्या है? SIT में फोरेंसिक ऑडिटर शामिल है और सुप्रीम कोर्ट ने भी फोरेंसिक पहलू सहित जांच की प्रोग्रेस मांगी है। ऐसे में अब तक फोरेंसिक जांच में क्या सामने आया, दान और उपहार का कितना समाधान हुआ और कौन-कौन सी अनियमितताएं मिलीं, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। ‘सिर्फ 8 छोटे कर्मचारियों से इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं’ राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि मामले में केवल 8 छोटे गणनाकर्मियों की गिरफ्तारी हुई है। सवाल यह है कि दान लेने, गणना कराने, बहुमूल्य धातुओं की जांच-माप, उनके रखरखाव और हिसाब-किताब की पूरी निगरानी की संस्थागत जिम्मेदारी किसकी थी? उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी गड़बड़ी केवल कुछ छोटे कर्मचारियों के स्तर पर नहीं हो सकती। इसमें बड़े लोगों की सहभागिता की जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि जिम्मेदार बड़े लोगों को बचाने के लिए मामले में लीपापोती की जा रही है। अजय राय बोले–जिस SIT पर सवाल उठे, उसी से जांच कराई गई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि SIT गठन की घोषणा के समय ही उन्होंने इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि SIT के अध्यक्ष लखनऊ के तत्कालीन कमिश्नर विजय विश्वास पंत थे। अजय राय ने आरोप लगाया कि पंत खुद कुंभ मेले में हुई भगदड़ की जांच के घेरे में थे। ऐसे में जिस अधिकारी पर सवाल उठ रहे थे, वही SIT की निगरानी कर रहा था। अजय राय ने कहा कि बाद में सुप्रीम कोर्ट की दिशा में विजय विश्वास पंत को SIT से हटाया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब अपनी टीम तैयार कर रही है और गांव-गांव, घर-घर जाकर भाजपा और RSS पर चंदा-चढ़ावा चोरी के आरोपों को जनता के सामने रखेगी। SIT रिपोर्ट का हवाला देकर अनिल मिश्र पर उठाए सवाल अयोध्या के स्थानीय निवासी और युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने दावा किया कि जिस SIT के प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, उसी रिपोर्ट में डॉ. अनिल मिश्र की भूमिका को लेकर गंभीर टिप्पणियां की गई थीं। शुक्ला के मुताबिक SIT ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि अनिल मिश्र अपने दायित्वों के प्रति उदासीन रहे, जिससे चोरी और गबन की घटना की परिस्थितियां बनीं। रिपोर्ट में उनके उत्तरदायित्व को वरिष्ठ पर्यवेक्षणीय स्तर पर बताया गया और सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित नहीं करने की बात कही गई। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि SIT की रिपोर्ट में इस तरह की टिप्पणियां हैं तो डॉ. अनिल मिश्र की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद पर भी जांच की मांग कांग्रेस ने राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीनों की खरीद-फरोख्त की भी उच्चस्तरीय जांच की मांग की। शरद शुक्ला ने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बावजूद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से अब तक जांच क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक इतनी बड़ी कथित चोरी बिना बड़े लोगों की संलिप्तता और संरक्षण के संभव नहीं है। कांग्रेस ने मीडिया के सामने दस्तावेज रखे प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज और SIT रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेज मीडिया के सामने प्रस्तुत किए। पार्टी ने साफ किया कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर अभियान को और तेज किया जाएगा। कांग्रेस इसे राम मंदिर और देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए भाजपा और RSS को राजनीतिक रूप से घेरने की तैयारी में है।

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