एसडीएम कोर्ट को तहसील ले जाने का विरोध:अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, राजस्व न्यायालयों के बहिष्कार का अल्टीमेटम


एसडीएम सदर न्यायालय को तहसील सदर में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंच गए। राजस्व अधिवक्ता संघ और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल को ज्ञापन सौंपकर आदेश वापस लेने की मांग की। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर अधिवक्ता एकता जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। 24 अगस्त से लागू होगा आदेश अधिवक्ताओं ने बताया कि शासनादेश के अनुसार सोमवार 24 अगस्त 2026 से उपजिलाधिकारी सदर इटावा का न्यायालय तहसील सदर में स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके बाद एसडीएम सदर न्यायालय में लंबित और नए वादों की सुनवाई तहसील परिसर में होगी। अधिवक्ताओं ने इस व्यवस्था को वादकारियों और अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत बताते हुए निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। कलेक्ट्रेट में बेहतर व्यवस्था का दावा डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में पर्याप्त न्यायालय कक्ष उपलब्ध हैं। जनपद के राजस्व न्यायालय लंबे समय से यहां संचालित हो रहे हैं और व्यवस्था में किसी तरह की बाधा नहीं है। ऐसे में एसडीएम सदर न्यायालय को तहसील ले जाने से वादकारियों को सुलभ और सस्ता न्याय मिलने के उद्देश्य पर भी असर पड़ेगा। पहले भी दिया गया था प्रतिवेदन अध्यक्ष ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए पूर्व में भी जिला प्रशासन को प्रतिवेदन दिया गया था। उस समय जिलाधिकारी की ओर से समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन अब न्यायालय स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील परिसर में न्यायालय जाने से वादकारियों के साथ अधिवक्ताओं को भी कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा। चकरनगर तहसीलदार पर भी नाराजगी प्रदर्शन के दौरान चकरनगर तहसीलदार पर अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं ने मामले में कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी के सामने रखी। उनका कहना था कि अधिवक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से किसी भी तरह की अभद्रता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बहिष्कार की दी चेतावनी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने राजस्व न्यायालयों की व्यवस्था में बदलाव का निर्णय वापस नहीं लिया तो जनपद के अधिवक्ता लोकतांत्रिक तरीके से राजस्व न्यायालयों का बहिष्कार करेंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि समस्या का समाधान होने तक यह बहिष्कार जारी रहेगा और इसके लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार माना जाएगा।

दो मांगों पर सौंपा ज्ञापन अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से एसडीएम सदर के न्यायालय को तहसील सदर में स्थानांतरित करने का आदेश वापस लेने और चकरनगर तहसीलदार के कथित अभद्र व्यवहार के मामले में कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन में डीबीए महामंत्री एडवोकेट नितिन तिवारी, कोषाध्यक्ष प्रभाकर त्रिपाठी, ईशान खान समेत वरिष्ठ अधिवक्ता शिव किशोर दुबे, जितेंद्र चतुर्वेदी, सुबोध चतुर्वेदी, रमन त्रिपाठी सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।

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