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जौनपुर के ऐतिहासिक शाही पुल की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने डीएम को एक पत्र दिया है। सभा ने पुल के तत्काल रखरखाव और मरम्मत की मांग की है, क्योंकि रखरखाव की कमी से पुल में दरारें आ गई हैं और हादसे का खतरा बढ़ गया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनवारुल हक गुड्डू के नेतृत्व में सभा ने गुरुवार को दोपहर 12:30 बजे यह पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। उन्होंने बताया कि गोमती नदी पर बना यह पुल जौनपुर की पहचान और देश की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत है। गुड्डू ने कहा कि वर्तमान में पुल की हालत बेहद चिंताजनक है। पुल के पत्थरों के बीच और जोड़ों में जंगली पेड़ व झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। इन पेड़ों की बढ़ती जड़ों के कारण पत्थरों की पकड़ ढीली हो रही है, जिससे पुल में लगातार दरारें आ रही हैं और यह जर्जर होता जा रहा है। पत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। सभा का कहना है कि राष्ट्रीय महत्व की इस स्मारक की जिम्मेदारी ASI की है, लेकिन विभाग इसके नियमित रखरखाव और राहगीरों द्वारा की जा रही गंदगी पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन पेड़ों को वैज्ञानिक तरीके से नहीं हटाया गया और पुल की मरम्मत नहीं की गई, तो इस ऐतिहासिक धरोहर को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है और भविष्य में किसी बड़े हादसे का खतरा भी बना रहेगा।
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जौनपुर का ऐतिहासिक शाही पुल जर्जर, हादसे का खतरा:रखरखाव की कमी से दरारें बढ़ीं, डीएम को दिया पत्र