पेट्रोल डालकर तीन महिलाओं को जिंदा जलाने वाले को उम्रकैद:हत्या में आजीवन कारावास, जानलेवा हमले में 14 वर्ष की सजा, 80 हजार का अर्थदंड


मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र में वर्ष 2018 में पेट्रोल डालकर तीन महिलाओं को जिंदा जलाने और एक की हत्या के मामले में अदालत ने अभियुक्त सोनू उर्फ मोहम्मद अली को कठोर सजा सुनाई है। थाना लिसाड़ी गेट पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते अपर जिला जज न्यायालय संख्या-2 ने सोमवार को अभियुक्त को हत्या के मामले में कठोर आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं जानलेवा हमले के मामले में 14 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने अभियुक्त को हिरासत में लेकर जेल में दाखिल करा दिया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी सूची शर्मा और पुलिस की ओर से हेड कांस्टेबल नरेश ने मामले में प्रभावी पैरोकारी की। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की टीम ने मुकदमे की लगातार निगरानी करते हुए न्यायालय में साक्ष्य और गवाहों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कराया। पेट्रोल डालकर लगाई थी आग
मामला तीन मई 2018 का है। मोहम्मद अफजाल पुत्र वसीलुद्दीन निवासी मदरसे के सामने हुमायूं नगर, थाना लिसाड़ी गेट ने पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप था कि सोनू उर्फ मोहम्मद अली पुत्र छोटे खां निवासी मोहल्ला कुरैशियान, थाना कोतवाली, जनपद ज्योतिबाफुले नगर ने वादी की मां सलमा, बहन सुरैया और भांजी अलीशा पर जान से मारने की नीयत से पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर झुलसी अलीशा ने तोड़ा दम
घटना में अलीशा गंभीर रूप से झुलस गई और उसकी मौत हो गई। जबकि सलमा और सुरैया भी आग की चपेट में आकर घायल हुई थीं। तहरीर के आधार पर लिसाड़ी गेट थाने में तीन मई 2018 को धारा 302 और 307 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। दो महीने में दाखिल कर दी थी चार्जशीट
मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद असलम ने की। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद 30 जुलाई 2018 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन रहा। पुलिस के मुताबिक ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मुकदमे को प्राथमिकता पर लेते हुए मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की टीम ने प्रभावी पैरवी जारी रखी। साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार
अभियोजन की ओर से अदालत के समक्ष मामले से संबंधित साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए। पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सोनू उर्फ मोहम्मद अली को दोषी माना।
अपर जिला जज न्यायालय संख्या-2 मेरठ ने 17 अगस्त, 2026 को धारा 302 भादवि में अभियुक्त को कठोर आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 307 भादवि में 14 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा के बाद जेल भेजा
फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस ने अभियुक्त को अदालत से हिरासत में लिया और आवश्यक कार्रवाई पूरी कर जेल में दाखिल करा दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए मॉनिटरिंग सेल, विवेचक और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय के साथ पैरवी की जा रही है। इस मामले में भी इसी समन्वय के चलते करीब आठ वर्ष पुराने हत्या और जानलेवा हमले के मुकदमे में अभियुक्त को कठोर सजा दिलाई गई।

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