अंडरपास में जलभराव की समस्या के लिए एकजुट हुए ग्रामीण:11वीं की छात्रा ने वीडियो बनाकर डीएम से लगाई थी गुहार


स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पांची गांव की एक छात्रा ने अंडरपास में भरे पानी की समस्या का वीडियो बनाकर डीएम से पानी की निकासी की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई थी। छात्रा ने बताया था कि बारिश होते ही अंडरपास में पानी भर जाता है, जिससे ग्रामीणों और खासकर स्कूली बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से अंडरपास से पानी निकलवाया गया, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ है। बारिश दोबारा होने पर अंडरपास में फिर पानी भरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार पांची गांव का यह अंडरपास आसपास के गांवों के लिए मुख्य रास्ता है। बारिश के दौरान जब इसमें पानी भर जाता है तो आने-जाने का रास्ता ही बंद हो जाता है। स्थानीय निवासी करतार सिंह ने बताया कि अंडरपास में कई बार 5 से 6 फीट तक पानी भर जाता है। ऐसे में बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे। यह सिर्फ एक-दो परिवारों की नहीं, बल्कि पूरे गांव की परेशानी है। अंडरपास बनने के बाद से बनी हुई है समस्या छात्रा की वीडियो बनाने वाले अजय कुमार ने बताया कि अंडरपास के निर्माण के समय से ही यहां जलभराव की समस्या बनी हुई है। अंडरपास के पास पानी की शिकायत के लिए कुछ संपर्क नंबर भी लिखे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इन नंबरों पर कई बार फोन किया, लेकिन हर बार जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बावजूद पानी की समस्या बनी रहती है। अजय कुमार ने बताया कि कई बार पानी भरने के बाद उसे निकलने में 2 से 3 सप्ताह तक लग जाते हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने से पहले भी संबंधित लोगों से बात की गई थी और जल्द काम कराने के लिए कहा गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। तीन गांवों के बच्चों का मुख्य रास्ता एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि अंडरपास बनने के बाद से ही गांव में यह समस्या बनी हुई है। आसपास के गांवों के लोग भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। यहां एक सरकारी स्कूल भी है, जहां करीब 500 बच्चे पढ़ते हैं। तीन गांवों के बच्चे इसी रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं। बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भरने के साथ सांप और जहरीले कीड़े-मकोड़े निकलने का खतरा भी रहता है। ग्रामीण ने बताया कि डीएम से शिकायत के बाद पानी कुछ हद तक निकलवाया गया है, लेकिन अंडरपास की स्थिति अभी भी खराब है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पानी की निकासी के लिए नंबर लिखे गए हैं तो उन नंबरों पर कई बार फोन करने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि चार-पांच बार फोन करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। ग्रामीणों के मुताबिक पानी भरने के बाद बच्चों का पैदल अंडरपास पार करना मुश्किल हो जाता है। स्कूल की छुट्टी होने पर अभिभावकों को बाइक लेकर बच्चों को लेने के लिए पहुंचना पड़ता है। गांव की महिलाएं और युवतियां भी आसपास के क्षेत्रों में काम करने जाती हैं। बारिश के दौरान उन्हें भी आने-जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में प्रवेश और बाहर जाने के लिए यह प्रमुख रास्ता है, इसलिए अंडरपास बंद होने का सीधा असर पूरे गांव की कनेक्टिविटी पर पड़ता है। हर बारिश में फिर हो जाता है जलभराव स्थानीय निवासी भारत त्यागी ने बताया कि बारिश के दौरान अंडरपास में गंदगी, कीड़े-मकोड़े और सांपों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पानी निकलवा दिया गया है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। आसपास के खेतों का पानी भी अंडरपास की तरफ आता है। ऐसे में बारिश होने पर दोबारा जलभराव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने बताया कि कई बार अंडरपास में करीब 7 से 8 फीट तक पानी भर चुका है। पहले भी पानी में वाहन फंसने की घटनाएं हो चुकी हैं और एक व्यक्ति को डूबने से बचाया गया था। भारत का कहना है कि अंडरपास को बने करीब 7-8 साल हो चुके हैं, लेकिन इतने वर्षों में भी जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी। भारत त्यागी ने बताया कि बच्चों को होने वाली परेशानी को देखते हुए ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर भी समस्या उठाई और डीएम तक शिकायत पहुंचाई। इसके बाद पानी निकलवाया गया, लेकिन ग्रामीण अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अंडरपास के आसपास मिट्टी जमा है और पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यदि दोबारा तेज बारिश होती है तो पानी फिर भर जाएगा और बच्चों के सामने वही परेशानी खड़ी हो जाएगी। कई दिन स्कूल नहीं जा पाते बच्चे गांव के छात्र वरुण ने बताया कि अंडरपास में पानी भरने के बाद स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। पानी में सांप और अन्य जहरीले जीव भी आ जाते हैं। सुरक्षा के कारण कई बार बच्चों को कई दिनों तक स्कूल नहीं भेजा जाता। इससे उनकी पढ़ाई का नुकसान होता है। छात्रों का कहना है कि यदि अंडरपास में पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था हो जाए तो उन्हें सबसे बड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल पानी निकलवाने तक कार्रवाई सीमित न रखे, बल्कि अंडरपास में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराए, ताकि बारिश के दौरान तीनों गांवों की कनेक्टिविटी बाधित न हो और बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

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