संभल के मदरसों में शान से फहराया तिरंगा:छात्रों ने पेश किए देशभक्ति गीत; हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में दिए भाषण


संभल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को संभल के विभिन्न मदरसों में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मदरसों में तिरंगा फहराया गया और छात्रों ने देशभक्ति गीतों के साथ स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों और शहीदों को याद किया। विद्यार्थियों ने हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में भाषण देकर देश की आजादी और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। मरकजी मदरसे में हुआ ध्वजारोहण संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ठेर स्थित मरकजी मदरसा अहले सुन्नत अजमल-उल-उलूम में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम हुआ। इस दौरान मौलाना अहमद रजा, मौलाना शमशाद, ख्वाजा कलीम अशरफ, कारी शाहिद, मौलाना मुहम्मद हुसैन, हाजी जफीर अहमद, फरीद एडवोकेट, ताहिर खान, मास्टर इस्माइल और तकी अशरफ समेत कई लोग मौजूद रहे। जिलेभर के मदरसों में हुए कार्यक्रम जनपद के मदरसा अजमल उल उलूम, मदरसा अंजुमन मोमिनुल इस्लाम, मदरसा जमीअतुल कुरेश निदा इस्लाम संभल, मदरसा फैजुल उलूम सराय तरीन, मदरसा नासिर उल उलूम सराय तरीन और मदरसा जिया-उल-उलूम सरायतरीन में भी स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और देश के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया। मदरसों के योगदान पर रखी बात मुफ़्ती-ए-सिरसी आलम रजा नूरी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में मदरसों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने दावा किया कि मदरसों और वहां से जुड़े लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि आजादी के संघर्ष में धार्मिक संस्थानों और उनके विद्यार्थियों ने भी योगदान दिया। बच्चों ने निकाली तिरंगा यात्रा शमशाद आलम ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को लेकर बच्चों को पहले से तैयार किया गया था। विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर मोहल्लों में भ्रमण किया और इसके बाद मदरसे में ध्वजारोहण किया। उन्होंने देश में अमन-चैन बनाए रखने और सभी धर्मों का सम्मान करने की अपील की। आजादी के लिए दी गई कुर्बानियों को किया याद मोहम्मद राशिद कासमी ने कहा कि देश को आजादी बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में मुसलमानों, उलमा, दारुल उलूम के संस्थापकों और छात्रों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में बड़ी संख्या में लोगों ने अपना बलिदान दिया।

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