कानपुर में भाजपा ने निकाला मौन मार्च:1947 के विभाजन की त्रासदी को किया याद, बोले नेता- नई पीढ़ी को जानना जरूरी


विभाजन विभीषिका दिवस पर भाजपा कानपुर उत्तर की ओर से शुक्रवार को 1947 के विभाजन की त्रासदी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान नायरा पेट्रोल पंप, न्यू शिवली रोड से पारस गेस्ट हाउस तक मौन मार्च निकाला गया। इसके बाद पारस गेस्ट हाउस में जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित की अध्यक्षता में संगोष्ठी आयोजित हुई। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि निवर्तमान प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी अनूप गुप्ता ने कहा कि विभाजन सिर्फ देश की सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह मानवता को झकझोर देने वाली त्रासदी थी। इसकी पीड़ा आज भी महसूस की जाती है। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों लोगों की जान गई, करीब डेढ़ करोड़ लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और बड़ी संख्या में माताओं-बहनों को अमानवीय अत्याचारों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन की भयावहता को इतिहास के पन्नों से मिटाया नहीं जा सकता। नई पीढ़ी को इस त्रासदी की सच्चाई जानना जरूरी है, ताकि देश की एकता और अखंडता को और मजबूत किया जा सके। सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार, एमएलसी अरुण पाठक और विधायक सुरेंद्र मैथानी ने भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के प्रति हमेशा सजग रहने का संदेश देती है। कार्यक्रम का संचालन पारस मदान ने किया। इस मौके पर महामंत्री अभिनव दीक्षित, अवधेश सोनकर, प्रमोद विश्वकर्मा, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा, जन्मेजय सिंह, शिवांग मिश्रा, सीमा, सत्यम गुप्ता, किरन तिवारी, शालिनी कटियार, रीता पासवान, रामजी गुप्ता, अभिमन्यु सक्सेना, कौशलेंद्र सिंह परिहार, सोनू राठौर, मनोज प्रधान, मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी, अनीता चतुर्वेदी, रिचा शुक्ला, पूनम कंवर, प्रभाकर अवस्थी, यश जायसवाल, सरिता साहनी और स्पर्श कटियार समेत भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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