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प्रदेशभर के वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत लगभग 44 हजार शिक्षकों और उनके आश्रितों को अब मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का सीधा लाभ मिलेगा। बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके साथ ही योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। निदेशक ने बताया कि प्रदेश में कुल 1.60 लाख बेसिक और जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 4.50 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से 4,600 वित्तविहीन बेसिक और जूनियर हाईस्कूलों में तैनात 44,000 शिक्षक भी अब इस योजना के दायरे में आ गए हैं। यह कदम वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत है।
योजना का लाभ उठाने के लिए शिक्षकों को तय नियमों के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। शिक्षकों को सबसे पहले http://cmtcts-upsdc-gov-in पर जाकर अपना पंजीकरण करना होगा। पोर्टल पर उन्हें स्वयं और अपने सभी आश्रितों की पूरी जानकारी उनके आधार कार्ड के अनुसार ही दर्ज करनी होगी। शिक्षक के आवेदन से लेकर अंतिम स्वीकृति तक की प्रक्रिया चार स्तरों पर पूरी की जाएगी। सबसे पहले संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा ऑनलाइन आवेदन का सत्यापन और अनुमोदन किया जाएगा। प्रधानाध्यापक यह जांच करेंगे कि शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार है या नहीं और वे निरंतर कार्यरत हैं या नहीं। इसके बाद आवेदन को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के पास अग्रसारित किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अनुमोदन मिलने के बाद फाइल अंतिम स्वीकृति के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के समक्ष भेजी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकार किए जाने के साथ ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों से संबंधित सत्यापित एवं हस्ताक्षरित सूचना 07 दिवस के भीतर शिक्षा निदेशक कार्यालय को हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराई जाए।
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वित्तविहीन विद्यालयों के 44 हजार शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा:बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए आदेश, आवेदन प्रक्रिया शुरू