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- Nirmal Ghosh Attacked: Former TMC MLA Assaulted Outside Barrackpore Court
3 मिनट पहले
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कोलकाता में आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद जल्द अंतिम संस्कार कराने के आरोप में गिरफ्तार पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष पर भीड़ ने हमला किया। यह घटना शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के एक पुलिस थाने के बाहर हुई।
घोष को एक दिन पहले ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था। पुलिसकर्मी उन्हें खरदह पुलिस थाने से बैरकपुर सब-डिविजनल कोर्ट ले जाने के लिए जेल वैन तक पहुंचा रहे थे।
सुरक्षाकर्मी उन्हें घेरे हुए थे, फिर भी भीड़ ने घोष को लात-घूंसों से पीटा। लोगों ने उन पर जूते, अंडे और कीचड़ भी फेंका।
थाने के बाहर भीड़ ने पीटा
घोष काफी परेशान नजर आए। पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने उन्हें घेरा हुआ था और हमले से सिर को बचाने के लिए हेलमेट पहना दिया था।
बैरकपुर कोर्ट में भी दूसरे लोगों के एक समूह ने घोष के खिलाफ ‘चोर, चोर’ के नारे लगाए। पुलिस उन्हें जल्दी से कोर्ट के लॉकअप में ले गई।
एक अन्य आरोपी संजीब मुखर्जी के साथ भी ऐसा ही व्यवहार हुआ। पुलिसकर्मी जब उन्हें कोर्ट ले जाने वाली गाड़ी तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे, तब भीड़ ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और हमला किया।
पूर्व पार्षद पर भी जल्द अंतिम संस्कार में शामिल होने का आरोप
संजीब मुखर्जी पीड़ित परिवार के पड़ोसी और पनिहाटी नगरपालिका के पूर्व टीएमसी पार्षद हैं। उन्हें घोष का करीबी सहयोगी बताया जाता है।
पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद पनिहाटी श्मशान घाट ले जाया गया था। आरोप है कि उस समय मुखर्जी वहां मौजूद थे।
घोष के सफेद कुर्ते और मुखर्जी की शर्ट पर कोर्ट लॉकअप ले जाते समय कीचड़ और अंडे के दाग दिखाई दे रहे थे।
इस मामले के तीसरे आरोपी और पनिहाटी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ डे फरार हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस दोनों नेताओं की 14 दिन की रिमांड मांगेगी
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस दिन में दोनों गिरफ्तार टीएमसी नेताओं को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद 14 दिन की रिमांड मांग सकती है।
आरोपियों की गिरफ्तारी मृत डॉक्टर के पिता की नई शिकायत के बाद हुई। उन्होंने सोमवार को शिकायत दी थी, जिसे बाद में एफआईआर में बदल दिया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि घोष उत्तर 24 परगना जिले के पनिहाटी से उस समय विधायक थे। उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर दो अन्य लोगों के साथ मिलकर बेटी के शव का परिवार की इच्छा के खिलाफ जल्द अंतिम संस्कार कराया।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नई जांच शुरू हुई
पीड़ित डॉक्टर की दूसरी बरसी पर रविवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी उनके लिए आयोजित स्मृति कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को जल्द अंतिम संस्कार के आरोपों की नई जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।
परिवार की नई शिकायत इसके एक दिन बाद दर्ज की गई। यह मामला पहले से चल रही सीबीआई जांच के दायरे में शामिल नहीं था।
पीड़ित के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि पूर्व विधायक और दूसरे आरोपियों की निगरानी में अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराया गया। उनका कहना था कि ऐसा इसलिए किया गया, ताकि दूसरी बार पोस्टमॉर्टम की संभावना खत्म हो जाए।
माता-पिता के मुताबिक, दूसरे पोस्टमॉर्टम से उनकी बेटी के बलात्कार और हत्या से जुड़ी अहम जानकारी सामने आ सकती थी।
