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रायबरेली के रतापुर स्थित सामुदायिक केंद्र में शुक्रवार सुबह 9:30 बजे ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने विभाजन की त्रासदी में मारे गए लोगों के बलिदान को नमन किया। विभाजन सिर्फ सीमाओं का बंटवारा नहीं था कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि 1947 का विभाजन केवल भारत के नक्शे और सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन और परिवारों के विस्थापन की त्रासदी थी। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लाखों लोग बेघर हुए और बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान चली गई।
नई पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने पर जोर राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज की युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष और 1947 के विभाजन की त्रासदी से अवगत करा रहे हैं। इसका उद्देश्य देशवासियों को इतिहास के उस दौर की पीड़ा, विस्थापन और बलिदानों की याद दिलाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस इतिहास को न भूलें।
विभाजन पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना कार्यक्रम में विभाजन की विभीषिका झेलने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। इस दौरान लोगों ने विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया। जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में सलोन विधायक अशोक कोरी, जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका, एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
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राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने गुमनाम शहीदों को दी श्रद्धांजलि:'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर 1947 के पीड़ितों को किया याद