According to the study, more than 50% of the salary of the youth is spent only on ration bills.

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मुंबई4 मिनट पहले

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बिजली-पानी का बिल हो या सब्सक्रिप्शन का रिन्युअल, जेन जी अब हर भुगतान एक ही डिजिटल इकोसिस्टम से कर रही है।-प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar

बिजली-पानी का बिल हो या सब्सक्रिप्शन का रिन्युअल, जेन जी अब हर भुगतान एक ही डिजिटल इकोसिस्टम से कर रही है।-प्रतीकात्मक फोटो

घूमने, सब्सक्रिप्शन, लाइफस्टाइल पर खर्च करने वाली पीढ़ी मानी जाने वाली जेन जी (14-29 साल) असल में बाकी पीढ़ियों जैसी ही जिम्मेदार है। 5.2 लाख से ज्यादा सैलरीड यूपीआई यूजर्स के लेनदेन पर आधारित एक स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, जेन जी की मासिक कमाई का 70% से ज्यादा हिस्सा बिल भुगतान, राशन, फाइनेंशियल सर्विसेज, शॉपिंग और खाने जैसे रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च होता है।

फिनटेक प्लेटफॉर्म ‘सैलरीसे’ की यह स्टडी ये भी कहती है कि जेन जी सफर पर सिर्फ 5% खर्च करती है, जबकि घूमना-फिरना इस पीढ़ी की पहली पसंद माना जाता है।

मनोरंजन में स्ट्रीमिंग जेन जी की पहली पसंद बनकर उभरी

सब्सक्रिप्शन में जियो हॉटस्टार की हिस्सेदारी 12.4%, नेटफ्लिक्स की 10.7% और स्पॉटिफाई की 5.6% है। मनोरंजन पर खर्च ज्यादा दिखने के बावजूद यह कुल खर्च का छोटा सा ही हिस्सा है।

हर पेमेंट एक ही डिजिटल इकोसिस्टम से करने का ट्रेंड

बिजली-पानी का बिल हो या सब्सक्रिप्शन का रिन्युअल, जेन जी अब हर भुगतान एक ही डिजिटल इकोसिस्टम से कर रही है। इसके चलते रोजमर्रा और जरूरी खर्च आपस में घुल-मिल गए हैं।

युवा मौज-मस्ती पर भी खर्च कर रहे, पर जिम्मेदारी से

जिम्मेदारियां बढ़ने के बावजूद जेन जी का मौज-मस्ती पर खर्च खत्म नहीं होता। स्टडी के मुताबिक, यह जरूरी खर्चों के साथ-साथ, उनकी जगह लिए बिना, बना रहता है। यानी दोनों तरह के खर्च साथ-साथ चलते हैं।

उम्र के साथ जिम्मेदारी बढ़ रही, शौकिया खर्च घट रहा

18-23 साल के जेन जी का 50% खर्च जरूरी चीजों पर, जबकि 24-29 साल के लोगों में यह बढ़कर 59% हो जाता है। दोनों में मौज-मस्ती वाला खर्च 32% पर स्थिर है, यानी उम्र के साथ जिम्मेदारियां बढ़ती हैं।

और इधर…आम भारतीय अब प्रीमियम प्रोडक्ट पर खर्च बढ़ा रहे

जरूरी सामान से आगे बढ़कर अब भारतीय उपभोक्ता प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर भी खुलकर खर्च कर रहे हैं। जून तिमाही के नतीजों में एचयूएल की ब्यूटी एंड वेलबीइंग कैटेगरी 12% बढ़ी, जबकि आईटीसी के गैर-स्टेपल कारोबार ने 16% ग्रोथ दिखाई। डेयरी, स्नैक्स और नूडल्स जैसी कैटेगरी में तो 20% से ज्यादा उछाल आया। पेप्सिको की बॉटलर कंपनी वरुण बेवरेजेज का वॉल्यूम 14.4% बढ़ा। हालांकि सस्ते उत्पादों की मांग अब भी कमजोर बनी हुई है।

जेन जी के खर्च की प्राथमिकताओं में जरूरी बिल और राशन सबसे ऊपर, ट्रैवल सबसे नीचे

अन्य- 23.3%

बिल पेमेंट, सब्सक्रिप्शन- 20.1%

सफर-5.00%

राशन, अन्य सामान- 15.7%

शॉपिंग-11.9%

फाइनेंशियल सर्विसेज- 12.2%

डाइन इन/आउट- 11.5%

तीन जरूरतों- राशन, वित्तीय सेवाएं और खाना पर जेन जी 39.4% मासिक खर्च करती है, जो बिल-सब्सक्रिप्शन का लगभग दोगुना है।

कुल खर्च में शॉपिंग ​का हिस्सा 11.9% होने के बावजूद यह मनोरंजन-केंद्रित नहीं, बल्कि रोजमर्रा के डिजिटल पेमेंट ढांचे का ही विस्तार है।

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