राकेश पचौरी | मथुरा5 घंटे पहले
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मथुरा के प्रसिद्ध ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में सावन मास के 14वें दिन बुधवार शाम भगवान द्वारकाधीश हरि घटा में विराजमान हुए। इस अवसर पर मंदिर परिसर को हरे रंग के वस्त्रों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था। हरि घटा के दर्शन के लिए मथुरा सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर के सभी कार्यक्रमों का निर्धारण गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ. वागीश कुमार जी महाराज (कांकरोली नरेश, तृतीय पीठ) द्वारा किया जाता है। पुष्टिमार्गीय परंपरा के तहत सावन मास में ठाकुर जी को विभिन्न घटाओं और हिंडोलों में विराजमान कराया जाता है।

मथुरा के प्रसिद्ध ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में सावन मास के 14वें दिन बुधवार शाम भगवान द्वारकाधीश हरि घटा में विराजमान हुए।
हरि घटा के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण था। बादलों की गड़गड़ाहट, पक्षियों की चहचहाहट और गायों की रंभाहट के बीच भगवान द्वारकाधीश के जयकारों से पूरा मंदिर गूंज उठा। मथुरा और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने राजाधिराज के दर्शन किए। कई श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को अपने मोबाइल फोन में कैद किया।
राकेश तिवारी ने आगे बताया कि पुष्टिमार्गीय परंपरा में ठाकुर जी को लाड़-लड़ाने के भाव से सावन मास में विभिन्न घटाओं और हिंडोलों में विराजमान किया जाता है। घटा का उद्देश्य ठाकुर जी को बाहरी मौसम का अनुभव कराना है।
उन्होंने यह भी बताया कि घटा और हिंडोला दर्शन का यह क्रम पूरे सावन मास जारी रहेगा। अगले दिन शाम 5:10 बजे से 5:40 बजे तक ठाकुर जी महाराज स्वर्ण एवं रजत हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इन विशेष दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है।
