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बरेली में मेथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया (MCI) से जुड़े विवाद में कैंट पुलिस ने बिशप, पादरी और अन्य पदाधिकारियों समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि चर्च से जुड़े पुराने धार्मिक रिकॉर्ड गायब किए गए और परिवार के धार्मिक संस्कारों में भी बाधा डाली गई। नैनीताल रोड की BDA कॉलोनी निवासी अरुण थॉमस ने पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से सदर बाजार स्थित 22 कैंट चर्च से जुड़ा है। वर्ष 2004 में उनकी शादी इसी चर्च में हुई थी। उनकी बेटी का नामकरण संस्कार भी चर्च में हुआ था। बातचीत के दौरान मारपीट का आरोप अरुण थॉमस का आरोप है कि बाद में उनके परिवार और पूर्वजों से जुड़े धार्मिक रिकॉर्ड चर्च से गायब कर दिए गए। बेटी के 18 साल की होने के बाद ईसाई परंपरा के अनुसार होने वाला कंफर्मेशन संस्कार भी नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता ने राजीव मसीह, पादरी संजीव मसीह, बिशप सीजी दयानंद, आनंद सैमसन, पादरी शिवचंद, जगमोहन सिंह और फिरोज रुस्तम पर आरोप लगाए हैं। उनका यह भी आरोप है कि कुछ पुराने अनुयायियों को चर्च आने से रोका जा रहा है। घायल को अस्पताल पहुंचाया अरुण थॉमस के मुताबिक, 21 जुलाई की शाम वह चर्च के पास मामले को लेकर बातचीत करने पहुंचे थे। वहां कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। दोस्तों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज हुआ। कैंट पुलिस ने सातों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बरेली में चर्च के बिशप-पादरी समेत 7 पर FIR:धार्मिक रिकॉर्ड गायब करने और संस्कार में बाधा डालने का आरोप