शशांक राठौर | बरेली1 मिनट पहले
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बरेली में औषधि विभाग ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Blinkit से जुड़ी फर्म मेसर्स मूनस्टोन वेंचर एलएलपी पर छापेमारी की। जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद विभाग ने फर्म की दवाओं की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
कार्रवाई सहायक आयुक्त औषधि, बरेली मंडल संदीप कुमार द्वारा Blinkit से ऑनलाइन दवा मंगाने के बाद सामने आई अनियमितताओं के आधार पर की गई। उनके निर्देश पर औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने टीम के साथ बुधवार को नेकपुर स्थित फर्म पर जांच की।
टीम ने रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट विजय कुमार की मौजूदगी में दवा बिक्री लाइसेंस, खरीद-बिक्री के अभिलेख और स्टॉक में रखी एलोपैथिक दवाओं की जांच की। इस दौरान पांच प्रकार की एलोपैथिक दवाओं के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में गंभीर अंतर पाया गया।
जांच में यह कमियां सामने आईं-
बिक्री बिल पर फॉर्म-21 का उल्लेख नहीं था।
फर्म का गलत पता दर्ज मिला।
डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं था।
शेड्यूल H1 रजिस्टर अपडेट नहीं मिला।
एक्सपायरी दवाओं के लिए अलग भंडारण व्यवस्था नहीं थी।
कंप्यूटर सिस्टम में दवाओं की बैच नंबर के आधार पर एंट्री नहीं की गई थी।
दवाओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा फ्रिज निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित नहीं हो रहा था।
औषधि विभाग ने मौके पर निरीक्षण आख्या तैयार कर सभी कमियों को दर्ज किया और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की संबंधित धाराओं के तहत फर्म को अगले आदेश तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए सहायक आयुक्त औषधि, बरेली मंडल को भेज दी गई है। विभाग की इस कार्रवाई से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से दवाओं की बिक्री और नियामकीय मानकों के पालन को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
