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मेरठ में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ ही कांवड़ यात्रा को लेकर शहर में लागू की गई पाबंदियां भी अब धीरे-धीरे खत्म होने लगी हैं। शिवालयों में कांवड़ियों की भीड़ पहुंचने के बाद कांवड़ मार्गों पर सन्नाटा नजर आने लगा है और लंबे समय से लागू वन-वे व्यवस्था भी सामान्य होने लगी है। शहर की सड़कों पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। हालांकि कई स्थानों पर लगाए गए अस्थायी डिवाइडर और बैरिकेडिंग अभी पूरी तरह नहीं हटाए गए हैं। औघड़नाथ मंदिर समेत शहर के तमाम शिवालयों में मंगलवार को शिवभक्त कांवड़ियों ने गंगाजल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों के शिवालयों की ओर पहुंचने के बाद कांवड़ मार्गों पर वाहनों का दबाव भी तेजी से कम हो गया। इसके साथ ही पुलिस-प्रशासन की ओर से कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए किए गए यातायात प्रबंधों में भी ढील शुरू कर दी गई। वन-वे खत्म, दोनों तरफ दौड़ने लगे वाहन
कांवड़ यात्रा के दौरान शहर की प्रमुख सड़कों पर लागू की गई वन-वे व्यवस्था अब खत्म होने लगी है। जिन मार्गों पर कई दिनों से एक दिशा में ही वाहन चल रहे थे, वहां अब दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। दोपहिया वाहनों के साथ चार पहिया वाहन भी सड़कों पर फर्राटा भरते दिखाई दे रहे हैं। इससे शहर में यातायात व्यवस्था तेजी से सामान्य होती नजर आ रही है। सिवाया टोल भी होने लगा सामान्य
नेशनल हाईवे-58 स्थित सिवाया टोल प्लाजा अभी कांवड़ियों की सुविधा के लिए टोल फ्री है। इसके बावजूद यहां अब दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। टोल की ओर जाने और वहां से मेरठ की तरफ आने वाले मार्ग पर दोपहिया और चार पहिया वाहन सामान्य तरीके से दौड़ते दिखाई दिए। कांवड़ियों की संख्या कम होने के साथ हाईवे पर भी यातायात का दबाव सामान्य होने लगा है। डिवाइडर के बंद कटों को लोग खुद खोल रहे
कांवड़ यात्रा के दौरान जाम और कांवड़ियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डिवाइडर पर बने कट बंद कर दिए गए थे। अब हालात सामान्य होने के साथ इन कटों को भी धीरे-धीरे खोला जाने लगा है। कई जगह लोग सुविधा के अनुसार बैरिकेडिंग और बल्लियां हटाकर कट से वाहनों को निकालते दिखाई दिए। हालांकि कुछ स्थानों पर अस्थायी डिवाइडर और बैरिकेडिंग अभी भी लगी हुई है। शहर की सड़कों पर लौट रही पुरानी रौनक
कांवड़ यात्रा के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। कई सड़कों पर सिर्फ कांवड़ियों को आवागमन की अनुमति थी, जबकि स्थानीय लोगों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा था। अब जलाभिषेक के बाद कांवड़ियों की भीड़ शिवालयों में पहुंच चुकी है। ऐसे में शहर की सड़कों पर एक बार फिर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। धीरे-धीरे हटाए जा रहे हैं बैरिकेडिंग
पुलिस और प्रशासन भी अब धीरे-धीरे कांवड़ यात्रा के लिए की गई अस्थायी व्यवस्थाओं को हटाने की प्रक्रिया में जुट गया है। बैरिकेडिंग, अस्थायी डिवाइडर और बंद किए गए कटों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। आने वाले समय में इन व्यवस्थाओं के पूरी तरह हटने के साथ शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। कांवड़ियों के शिवालय पहुंचते ही बदली तस्वीर
पिछले कई दिनों से जिन सड़कों पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ रहा था, उन्हीं मार्गों पर अब वाहनों की आवाजाही बढ़ने लगी है। औघड़नाथ मंदिर समेत प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों के पहुंचने के बाद कांवड़ मार्ग काफी हद तक खाली हो गए हैं। यही वजह है कि प्रशासन ने भी यातायात पर लगाई गई कई पाबंदियों में ढील देना शुरू कर दिया है।
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जलाभिषेक के साथ पटरी पर लौटी मेरठ की रफ्तार:खुलने लगे बंद रास्ते, डिवाइडर के कट, वन-वे व्यवस्था खत्म, सिवाया टोल पर आवाजाही शुरू