मोहाली में स्कूल हेडमास्टर की हत्या:कार में आए हमलावरों ने घर के बाहर कुल्हाड़ी से काटा; डेढ़ महीने पहले भी हमला हुआ था


मोहाली में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर की हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उनस पर कुल्हाड़ी और किरच से हमला किया था। हमले के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। हमलावर सफेद रंग की कार में आए थे और वारदात के बाद उसी कार से फरार हो गए। 48 वर्षीय गुरसेवक सिंह सरकारी स्कूल में हेडमास्टर होने के साथ स्मार्ट स्कूलों के इंचार्ज भी थे। डेढ़ महीने पहले भी उन पर हमला हुआ था, लेकिन उस मामले में भी आरोपियों का सुराग नहीं मिला था। अब दूसरे हमले में उनकी मौत के बाद पुलिस दोनों घटनाओं के बीच कनेक्शन तलाश रही है। रविवार को गुरसेवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। क्या है पूरा मामला, विस्तार से पढ़िए… घर के बाहर खड़े थे, कार में आए हमलावरों ने किया हमला
गुरसेवक सिंह अपने परिवार के साथ खरड़ के सन्नी एन्क्लेव में रहते थे। करीब तीन दिन पहले वह अपने घर के बाहर मौजूद थे। इसी दौरान सफेद रंग की कार में कुछ अज्ञात युवक वहां पहुंचे। आरोपियों ने अचानक उन पर कुल्हाड़ी और किरच से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमला कर कार में बैठकर फरार हुए
हमले में गुरसेवक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी उसी सफेद कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल गुरसेवक सिंह को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। हेडमास्टर के साथ स्मार्ट स्कूलों की जिम्मेदारी
गुरसेवक सिंह 48 साल के थे। वह मोहाली जिले के कुंभड़ा स्थित सरकारी स्कूल में हेडमास्टर के पद पर तैनात थे। इसके अलावा वह जिले के स्मार्ट स्कूलों के इंचार्ज की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। गुरसेवक सिंह के परिवार में उनकी पत्नी और 16 साल का बेटा है। उनकी पत्नी भी शिक्षिका हैं, जबकि बेटा 11वीं कक्षा में पढ़ता है। घर के बाहर पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया
हमले के बाद पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने घर के बाहर क्राइम सीन रीक्रिएट कर वारदात की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की। हमलावर किस दिशा से आए, किस तरह हमला किया और किस रास्ते से फरार हुए, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सफेद कार और हमलावरों की तलाश
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांच का मुख्य फोकस उस सफेद कार पर है, जिसमें हमलावर आए थे। फुटेज के जरिए कार की पहचान करने और उसमें सवार युवकों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। डेढ़ महीने पहले भी हुआ था हमला
गुरसेवक सिंह के साथी शिक्षकों के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने पहले भी सेक्टर-71 में उन पर हमला हुआ था। उस घटना में भी हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी थी। अब दूसरे हमले में उनकी मौत के बाद पुलिस पुराने मामले को भी जांच के दायरे में लेकर चल रही है। पुराने हमले से कनेक्शन तलाश रही पुलिस
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों हमलों के पीछे एक ही लोग थे या दोनों घटनाएं अलग-अलग थीं। इसके अलावा हत्या के पीछे रंजिश, किसी पुराने विवाद या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। परिवार, दोस्तों और साथी शिक्षकों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है।

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