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झांसी में रविवार को तेज रफ्तार एंबुलेंस ने पिता के सामने 5 साल के इकलौते बेटे को रौंद दिया। टक्कर लगते ही मासूम बच्चा लगभग 10 ऊपर उछलकर सड़क पर जा गिरा। परिजन आनन फानन में मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 5 साल का रणवीर और उसकी बड़ी बहन कोचिंग गए थे। सुबह लगभग 8 बजे पिता राघवेंद्र राजपूत दोनों बच्चों को घर ला रहे थे। हाइवे पार करते समय बच्चा आगे निकल गया। तभी एंबुलेंस ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद ड्राइवर एंबुलेंस को भगाकर ले गया। पुलिस एंबुलेंस और ड्राइवर की तलाश कर रही है। हादसा चिरगांव थाना क्षेत्र के करगुआं गांव के पास झांसी-कानपुर हाइवे पर हुआ है। नर्सरी में पढ़ता था मासूम बच्चा चिरगांव के करगुआं गांव निवासी राघवेंद्र राजपूत ने बताया- मैं खेती किसानी करता हूं। मेरी 8 साल की एक बेटी नित्या है। जबकि 5 साल रणवीर छोटा था। वह चिरगांव के बचपन स्कूल में नर्सरी में पढ़ता था। मेरे दोनों बच्चे गांव में घर से लगभग 500 मीटर दूर ट्यूशन पढ़ने जाते थे। आज स्कूल की छुट्टी थी, इसलिए सुबह से ट्यूशन था। ट्यूशन की छुट्टी होने पर मैं दोनों बच्चों को घर ला रहा था। सुबह लगभग 8 बजे हाइवे पार करते समय बच्चा दो कदम आगे निकल गया। तभी तेज गति में आ रही एंबुलेंस ने टक्कर मार दी। ड्राइवर ने ब्रेक तक नहीं लगाए और भाग गया। हादसे में बेटा लहूलुहान हो गया। तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया। टोल पर भी तेजी से निकल गई टक्कर के बाद ड्राइवर ने एंबुलेंस नहीं रोकी और स्पीड बढ़ाकर भाग निकला। थोड़ी आगे चलकर टोल था, वहां भी आरोपी ड्राइवर ने स्पीड कम नहीं की। अब पुलिस एंबुलेंस और ड्राइवर का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। इकलौते बेटे रणवीर की मौत के बाद पिता सदमे में है। जैसे ही मां अंजू को हादसे की खबर दी गई तो वह रोते हुए बेसुध हो गई। छोटा होने के कारण वह माता-पिता समेत अन्य परिजनों को लाड़ला था।
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एंबुलेंस ने 5 साल के इकलौते बेटे को रौंदा, मौत:झांसी में कोचिंग पढ़कर लौट रहा था, पिता के सामने टक्कर मारी