रामपुर जिला अस्पताल में तीमारदार ने खींचा स्ट्रेचर:घायल युवक को रेफर किया, परिजन बोले- मरीजों को खुद करनी पड़ती है व्यवस्था


रामपुर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के बावजूद व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। मरीजों के तीमारदारों को ही स्ट्रेचर खींचकर उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना पड़ रहा है। रविवार दोपहर करीब दो बजे एक घायल युवक के परिजनों को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। यह घटना मसवासी-मानपुर के पास हुई, जहां एक अज्ञात बाइक सवार ने लगभग 20 वर्षीय टिंकू को टक्कर मार दी। हादसे में टिंकू घायल हो गया। सूचना मिलने पर उसे सरकारी एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद टिंकू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। घायल टिंकू के साथ अस्पताल पहुंचे उसके परिजन प्रेम सिंह ने व्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। गरीब मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए खुद ही व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। प्रेम सिंह ने बताया कि मरीजों को अस्पताल के भीतर एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में भी तीमारदारों को परेशानी होती है। कई बार उन्हें खुद स्ट्रेचर खींचना पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मरीज को हायर सेंटर रेफर करने के बाद आगे की परिवहन व्यवस्था भी परिजनों को ही करनी पड़ती है। टिंकू को हायर सेंटर रेफर किए जाने के बाद, परिजन उसे सरकारी एंबुलेंस के बजाय निजी वाहन से दूसरे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। प्रेम सिंह ने कहा कि जिला अस्पताल में गरीबों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में बाहर उपचार कराना पड़ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने मरीजों के लिए स्ट्रेचर, इलाज और रेफरल प्रणाली को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

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