11वें आयुर्वेद दिवस पर जीबी पंत संस्थान में कार्यक्रम आयोजित:4 विभूतियों का सम्मान, सांसद बोले- स्वस्थ जीवनशैली का रास्ता दिखाता है आयुर्वेद


प्रयागराज में 11वें आयुर्वेद दिवस पर बुधवार को जीबी पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयुष विभाग और संस्थान के संयुक्त आयोजन में आयुर्वेद के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली और स्वास्थ्य संरक्षण पर चर्चा हुई। इस दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देने वाले वैद्यों को सम्मानित किया गया। आयुष विभाग, प्रयागराज और जीबी पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद प्रवीण पटेल, संस्थान के निदेशक प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. जीएस तोमर, डॉ. पीएस पाण्डेय और क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. नवीन सोनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर और भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ रखी गई। वैज्ञानिक पक्ष को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि विकसित भारत के विजन के अनुरूप स्वास्थ्य का मतलब केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीना भी है। आयुर्वेद में रोगों से बचाव, उपचार और दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय बताए गए हैं। इसके वैज्ञानिक पक्ष को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. जीएस तोमर ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है। आहार-विहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या, योग और प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाकर स्वास्थ्य संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सकता है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. नवीन सोनी ने बताया कि आयुर्वेद दिवस के तहत जिले में कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें स्वास्थ्य शिविर, संगोष्ठी, औषधीय पौधारोपण, ग्राम चौपाल, रन फॉर आयुर्वेद, पोस्टर-स्लोगन प्रतियोगिता और सेमिनार शामिल रहे। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा। संस्थान के निदेशक प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में आयुर्वेद का विशेष स्थान है। वर्तमान समय में इसके वैज्ञानिक अध्ययन, शोध और जनोपयोगी स्वरूप को और व्यापक बनाने की आवश्यकता है। 14 वैद्यों को किया सम्मानित समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रो. जीएस तोमर, वैद्य आशुतोष मालवीय, वैद्य शशिकांत राय, डॉ. जयशंकर शुक्ल, डॉ. पीएस पाण्डेय, डॉ. भारत नायक, डॉ. एमडी दुबे, डॉ. शारदा प्रसाद, विजय कुमार सिंह, डॉ. वीएन त्रिपाठी, डॉ. वीबी मिश्रा, डॉ. अशोक कुशवाहा और डॉ. सूर्या यादव को सम्मानित किया गया। इस दौरान सांसद प्रवीण पटेल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कांचनार का पौधा रोपकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। वैज्ञानिक सत्र में शोध-पत्र प्रस्तुत कार्यक्रम के वैज्ञानिक सत्र में डॉ. अनिल कुमार, डॉ. खुशनुमा परवीन सिद्दीकी, डॉ. संदीप पाण्डेय, डॉ. राजतिलक तिवारी, डॉ. सुनील दत्त द्विवेदी, डॉ. सुमन मिश्रा, डॉ. अंजलि मिश्रा और डॉ. अवनीश पाण्डेय समेत अन्य वक्ताओं ने आयुर्वेद और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए। इस दौरान आयुर्वेद की समकालीन उपयोगिता, शोध और स्वास्थ्य संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में डॉ. हेमंत सिंह, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. अनुराग अस्थाना, आयुष विभाग के चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, अधिकारी-कर्मचारी, संस्थान के शिक्षक, शोध छात्र और गणमान्य लोग मौजूद रहे। संचालन डॉ. विवेक शुक्ला, डॉ. अंजलि मिश्रा और डॉ. नीलम यादव ने किया। अंत में सतीश चंद्र दुबे ने आभार व्यक्त किया।

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