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शाहजहांपुर में तिलहर थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे इलाज के दौरान एक बिल्ली की मौत हो गई। बिल्ली के मालिक ने पशु चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डॉक्टर की मौजूदगी के बावजूद बिल्ली का इलाज कंपाउंडर ने किया और इंजेक्शन लगाया गया। हालत बिगड़ने के बाद बिल्ली की मौत हो गई। मामले में मालिक ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। एक महीने पहले घर लाए थे बिल्ली का बच्चा तिलहर थाना क्षेत्र के मौजमपुर निवासी इस्तेखार अंसारी ने बताया कि उन्होंने करीब एक महीने पहले अपने दोस्त से बिल्ली का बच्चा लिया था। परिवार ने उसका नाम लड्डू रखा था। वह घर के बच्चों के साथ खेलता था। पिछले तीन दिन से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। डॉक्टर से खुद जांच करने की मांग का दावा इस्तेखार के मुताबिक, वह बिल्ली को इलाज के लिए पशु चिकित्सक के पास लेकर गए थे। उनका आरोप है कि डॉक्टर की मौजूदगी के बावजूद उन्होंने खुद बिल्ली की जांच नहीं की और कंपाउंडर से इलाज कराया। कंपाउंडर ने पहले दवा पिलाई और बाद में इंजेक्शन लगाया। इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, कुछ देर में मौत मालिक का आरोप है कि इलाज के दौरान बिल्ली की हालत लगातार बिगड़ती गई। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे उसकी मौत हो गई। इस्तेखार का कहना है कि डॉक्टर बिल्ली को देखने तक नहीं आए। उन्हें आशंका है कि इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई। पोस्टमार्टम की बात पर भावुक हुए मालिक इस्तेखार ने बताया कि शिकायत करने के बाद डॉक्टर की ओर से बिल्ली का पोस्टमार्टम कराने की बात कही गई थी। हालांकि, भावनात्मक लगाव के कारण उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद बिल्ली को दफना दिया गया। थाने में दी तहरीर, कार्रवाई की मांग बिल्ली के मालिक ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने डॉक्टर और कंपाउंडर की लापरवाही से बिल्ली की मौत होने का आरोप लगाया है। सीओ विदुश सक्सेना ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले को दिखवाया जाएगा।
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शाहजहांपुर में इलाज के दौरान बिल्ली की मौत पर हंगामा:मालिक बोला- डॉक्टर के सामने कंपाउंडर ने दिया इंजेक्शन, 10 मिनट में गई जान