वाराणसी15 मिनट पहले
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वाराणसी में IIT BHU की पीएचडी स्कॉलर से साइबर ठगी।
IIT BHU की पीएचडी स्कॉलर आंचल अग्रहरि से साइबर फ्राड का मामला सामने आया है। आंचल ने लंका थाने में इस मामले में तहरीर दी है। जिसपर पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66D में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आंचल के अनुसार यह फ्राड 28 जून 2026 को हुआ था। जिसकी शिकायत सब जगह कर चुकी हूं। लेकिन सहयता न होने पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीएचडी स्कॉलर को साइबर जालसाजों ने ऑटो ट्रांजेक्शन होने से झांसे में लिया और एप इंसटाल करवाकर 46 हजार उनके अकॉउन्ट से निकाल लिए।
SBI कर्मी बनकर किया फोन
आंचल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया – 28 जून 2026 को शाम में साढ़े 4 बजे मोबाइल नंबर 9905328956 से मुझे फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को SBI क्रेडिट कार्ड का प्रतिनिधि बताया था। उसने कहा की आप के क्रेडिट कार्ड एक ऐसी योजना चालू हो गयी है। जिसकी वजह से आप के अकॉउन्ट से हर महीने 2,200 रुपए ऑटो डेबिट हो जाएंगे। ऐसे में व्हाट्सप्प पर आपको एक एप भेजा गया है। उसे इंस्टाल कर लें जिसकी मदद से हम यह योजना डीएक्टिव कर देंगे।
एप्लिकेशन ने कर लिया मोबाइल हैक
आंचल ने बताया – मैंने उसकी बात मान ली और तुरंत व्हाट्सएप से वह एप डाउनलोड कर इंसटाल कर दिया। फिर उसने मेरे डेबिट कार्ड की सारी डीटेल उस एप में दर्ज कराई। कुछ ही देर बाद वह एप बफरिंग करने लगा और मोबाइल हैक कर गया। कोई भी की मोबाइल की काम नहीं कर रही थी। कुछ देर बाद मोबाइल नार्मल हो गया और काम करने लगा।
शाम साढ़े 5 बजे आया मैसेज
आंचल ने बताया – मुझे मोबाइल के हैक होने पर शक हो गया था की यह कोई साइबर फ्राड तो नहीं है। तभी शाम साढ़े 5 बजे मेरे मोबाइल पर मेरे अकाउंट संबंधित मैसेज आया तो देखा उसमें 46118 रुपए कटने का मैसेज आया था। यह राशि ZEPTOMARKETPLACE प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंट में डेबिट हुई थी। इसपर मैंने साइबर हेल्पलाइन और साइबर के सभी प्लेटफार्म पर इसकी शिकायत की। पर किसी भी प्रकार की सहायता न होने पर पुलिस में कंप्लेन की है।
