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शाहजहांपुर में मंगलवार दोपहर एक बजे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। उन्होंने प्रशासन से NHM संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग की। इसके साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन और मौजूदा वेतन बढ़ाने की भी मांग की गई। कर्मियों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की भी मांग रखी। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित किया जाए। पदाधिकारियों ने मांग की है कि सभी NHM संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र में 10 साल या उससे ज्यादा समय से लगातार सेवा दे रहे NHM संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। जब तक समान कार्य-समान वेतन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी संविदा कर्मचारियों के मौजूदा वेतन में तुरंत बढ़ोतरी करके उन्हें सम्मानजनक वेतन दिया जाए। कम से कम 10 लाख रुपये पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि NHM संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में सेवा दे रहे हैं। वे लगातार संक्रमित मरीजों और रोगियों के संपर्क में रहते हैं, जिससे उन्हें हमेशा बीमारी या संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसलिए NHM संविदा कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। बढ़ती महंगाई और लंबी सेवा अवधि को देखते हुए सभी NHM संविदा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA), EPF की सुविधा (नियोक्ता के योगदान सहित), पद के अनुसार एक तय HRA या सरकारी आवास और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। NHM संविदा कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर नीति को फिर से लागू किया जाए। इसमें खाली पदों पर, आपसी सहमति से या कर्मचारी के खुद के अनुरोध पर दूसरे जिले में ट्रांसफर की सुविधा दी जाए। यह सुविधा 2017 में लागू की गई थी। परिवार को आर्थिक संकट यदि किसी संविदा कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को आर्थिक संकट से बचाने के लिए एक नीति बनाई जाए। इस नीति के तहत परिवार के योग्य सदस्य को उसकी योग्यता के आधार पर विभाग में अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
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शाहजहांपुर में NHM संविदा कर्मियों ने की नियमितीकरण की मांग:समान वेतन, कैशलेस इलाज और वेतन बढ़ाने की भी मांग