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मेरे लिए सबसे प्यारे मेरे जिला अध्यक्ष। मुझे उन्हीं के इशारे पर काम करना है, जिला अध्यक्ष मेरे माननीय हैं.…सपा नेता जफर अमीन डक्कू के बाद कुछ लोग इसको तंज समझ रहे तो कुछ डक्कू के बदले सुर बता रहे हैं… जेल से रिहा होने के बाद सपा के वरिष्ठ नेता जफर अमीन डक्कू के एक बयान ने सियासी गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। डक्कू ने कहा, “मेरे लिए सबसे प्यारे मेरे जिला अध्यक्ष हैं। मुझे उन्हीं के इशारे पर काम करना है, जिला अध्यक्ष मेरे माननीय हैं।” उनके इस बयान को लेकर पार्टी के भीतर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे तंज के तौर पर देख रहे हैं, तो कुछ इसे जेल से बाहर आने के बाद डक्कू के बदले हुए सुर के रूप में बता रहे हैं। वायरल लेटर को लेकर भी सफाई
जेल से वायरल हुए एक लेटर को लेकर भी डक्कू ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह लेटर मैंने खुद नहीं लिखा था। जेल में उनसे मिलने आने वाले लोगों से वह लगातार अपनी नाराजगी मौखिक रूप से जाहिर करते थे। डक्कू ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद कई दिन तक पार्टी का कोई बड़ा नेता या जिला अध्यक्ष उनसे मिलने जेल नहीं आया। वह जेल में मिलने आने वाले लोगों से कहते थे कि उनकी बात जिला अध्यक्ष तक पहुंचा दें और उनसे यह भी कह दें कि वह जेल में उनसे मिलने न आएं। उन्होंने कहा कि उनकी इन्हीं बातों को किसी व्यक्ति ने लिखित रूप में तैयार कर पत्र के तौर पर वायरल कर दिया। डक्कू ने कहा कि उन्हें उस वायरल पत्र से कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि उसमें उनकी कही गई बातों को ही लिखा गया है।
बोले- 40 साल के राजनीतिक जीवन में पहली बार मुकदमा
जफर अमीन डक्कू ने कहा कि उनका करीब 40 साल का राजनीतिक जीवन रहा है, लेकिन पहली बार उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद समाजवादी पार्टी छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा- हम इस पार्टी की बुनियाद हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने पार्टी के कुछ लोगों के प्रति नाराजगी जताई थी। इसमें जिला अध्यक्ष समेत तीन पार्षद शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन तीन पार्षदों में दो मुस्लिम और एक यादव समुदाय से हैं।
बोले- किसी से शिकायत नहीं, जिला अध्यक्ष सबसे प्यारे
डक्कू ने एक तरफ पार्टी के कुछ नेताओं के प्रति नाराजगी जाहिर की, वहीं दूसरी तरफ कहा कि उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह सभी से मोहब्बत करते हैं और उनके लिए जिला अध्यक्ष सबसे प्यारे हैं। उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे प्यारे मेरे जिला अध्यक्ष हैं। मुझे उन्हीं के इशारे पर काम करना है, मेरे माननीय जिला अध्यक्ष।” जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम ने रखा अपना पक्ष इस पूरे मामले पर जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने कहा कि हम भी डक्कू साहब को अपना बड़ा भाई मानते हैं। लेकिन उनको पार्टी से ऊपर जाकर बात नहीं करनी चाहिए। जेल से आने के बाद जिस तरह से उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया, वैसी भाषा नहीं बोलनी चाहिए। फिर भी वो मुझे अपना भाई मानते हैं तो ये मेरे लिए बड़ा सम्मान की बात है। जिलाध्यक्ष बोले- डक्कू ने चिट्ठी नहीं लिखी तो इसका जांच हो जब जफर अमीन डक्कू से वायरल चिट्ठी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने चिट्ठी लिखने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मैने कोई भी चिट्ठी जेल के भीतर से नहीं लिखी है। मुझसे मिलने आने वाले लोग से जो बातें मैं कहता था, अपना दर्द बताता था, उसी दर्द को किसी ने चिट्ठी के माध्यम से वायरल कर दिया। इसी बात को लेकर जब जिलाध्यक्ष से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि- चिट्ठी की हैण्ड्राइटिंग तो उनकी ही है। अगर वो नहीं स्वीकार कर रहे तो इसपर भी जांच होना चाहिए आखिर उनका नाम लेकर किसने चिट्ठी वायरल की.…? जिलाध्यक्ष बोले- हम BJP के वजाय खुद से लड़ रहे जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी एक परिवार है और इस परिवार में इतनी बड़ी बात नहीं होनी चाहिए। मेरा ये मानना है कि- जो समस्या पैदा करता है, वो खुद एक समस्या में उलझकर रह जाता है। उन्होंने कहा कि हमें भारतीय जनता पार्टी से लड़ना था, लेकिन हमें घर में ही लड़ना पड़ रहा है। मैं इस मामले में शुरू से ही कह रहा हूँ कि यह मामला व्यक्तिगत है। इनमें समाजवादी पार्टी का कोई रोल नहीं है। हम किसी के निजी मामले में नहीं पड़ना चाहते हैं। अंत में जिलाध्यक्ष ने कहा कि- इन सभी घटनाओं के बाद मैं जिलाध्यक्ष होने के नाते इतना कहना चाहूंगा कि हमारी पार्टी 2027 चुनाव में बम्पर जीत हासिल करेगी। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बनाया जाएगा। जिसमें गोरखपुर का अहम योगदान होगा।
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डक्कू बोले- ‘चिट्ठी मैंने नहीं लिखी’:जिलाध्यक्ष बोले- जांच होनी चाहिए, हम BJP से लड़ने की वजाय अपने में लड़ रहे