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देवरिया में मुख्यमंत्री कार्यालय की जुलाई 2026 की आईजीआरएस रैंकिंग में जनपद के चार प्रकरणों को ‘सी’ श्रेणी मिलने पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित नियंत्रक अधिकारियों को पत्र जारी किया है। साथ ही सभी मामलों में साक्ष्य सहित तथ्यपरक और गुणवत्तापूर्ण आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस की प्रिंटिंग में अनावश्यक विलंब से जुड़े एक मामले में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, देवरिया द्वारा स्पष्ट और तथ्यपरक आख्या प्रस्तुत नहीं की गई। मुख्यमंत्री कार्यालय के आईजीआरएस कमांड सेंटर ने इसे अपूर्ण एवं भ्रामक मानते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार, विद्युत दुर्घटना में मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता दिलाने संबंधी शिकायत के निस्तारण में केवल औपचारिक आख्या प्रस्तुत करने और वास्तविक कार्रवाई का विवरण उपलब्ध न कराने पर अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, गौरीबाजार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। स्थायी विद्युत विच्छेदन संबंधी शिकायत में शिकायतकर्ता की असंतुष्टि के बावजूद दोबारा जांच न कराने और पुरानी आख्या के आधार पर निस्तारण करने पर अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, देवरिया के विरुद्ध भी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, बिजली बिल की धनराशि तकनीकी त्रुटि से गलत डिस्कॉम में जमा होने के मामले में एक वर्ष से अधिक समय तक समाधान न होने और केवल औपचारिक आख्या प्रस्तुत किए जाने पर अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, सलेमपुर तथा उपायुक्त एनआरएलएम, देवरिया के विरुद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, औपचारिकता या गुणवत्ताहीन आख्या किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी शिकायतों का समयबद्ध, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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आईजीआरएस की 'सी' ग्रेडिंग पर डीएम सख्त:चार मामलों में अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश