गोरखपुर में रात में हुई झमाझम बारिश:सुबह खिली धूप, ठंडी हवाओं से गर्मी से राहत, शाम तक बरसात के आसार


गोरखपुर में कल देर रात हुई झमाझम बरसात के बाद गुरुवार की सुबह से ही मौसम सुहावना बना हुआ है। हल्की धूप निकली हुई है। बीच- बीच में बादल छाने और ठंडी हवाओं के चलने से लोगों गर्मी और उमस से काफी हद तक राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने आज शाम तक मध्यम बरसात की संभावना जताई है। उन्होंने बताया कि कल से फिर मौसम सामान्य हो जाएगा। बीच- बीच में छिटपुट बारिश के आसार हैं। फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं है। आज शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। देखिए तस्वीरें … अगस्त में 15 से 16 दिन बारिश की संभावना
उनका कहना है कि अगस्त में 15 से 16 दिन बारिश की संभावना है, लेकिन भारी वर्षा केवल दो से तीन दिन ही हो सकती है। इस दौरान करीब 320 मिलीमीटर वर्षा होने का अनुमान है, जबकि इस महीने में वर्षा का सामान्य आंकड़ा 330.8 मिलीमीटर है। पांच से सात दिन हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। डॉ. कैलाश का कहना है कि बारिश के कई दौर आएंगे, लेकिन पूरे महीने लगातार अच्छी वर्षा होने की संभावना कम है। जुलाई में हुई अच्छी बारिश
उन्होंने बताया कि जुलाई के महीने में हर साल के अपेक्षा अच्छी बरसात हुई है। सामान्य तौर पर इस महीने में अधिकतम 353 मिमी बारिश होनी चाहिए। इस बार जुलाई में 340 मिमी हुई है। जो एक बेहतर अकड़ा पेश करता है। ‘सुपर अल नीनो’ का फसलों पर क्या असर होगा
कृषि विशेषज्ञ और DDU के इंस्टीट्यूट्स ऑफ एग्रीकल्चर और नेचुरल साइंसेज के डायरेक्टर डॉ. आर आर सिंह ने बताया कि ‘सुपर अल नीनो’ का बुरा असर गोरखपुर और आसपास के एरिया के फसलों पर पड़ सकता है। यह समय खरीफ के फसल( धान, मक्का, मूंगफली और अन्य ) बोने का है। इन फसलों के पैदावार में पानी की खपत ज्यादा होती है। ऐसे में ‘सुपर अल नीनो’ की वजह से अगर बारिश कम होती है तो इन फसलों को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि इस एरिया में बारिश की स्थिति अभी बेहतर है, जिसकी वजह से पैदावार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। ऐसा भी हो सकता है कि कुछ दिन बारिश और कुछ दिनों का सूखा की वजह से फसल और भी बढ़िया हो सकते हैं। जल्दी पकने वाली फसलों को उगाएं किसान
उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए बताया कि वैसे तो सुपर अल नीनो का ज्यादा असर पूर्वांचल में नहीं पड़ रहा है, फिर भी किसानों को पहले से सतर्क रहना चाहिए। ऐसे में उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि कम पानी और जल्दी पकने वाले फसलों को उगाए। पिछले दिनों का तापमान कैसा रहा आने वाले दिनों के तापमान का पूर्वानुमान

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