सहारनपुर में डेयरी कॉन्क्लेव, 28 लाभार्थियों को चयन पत्र:स्वदेशी गौ-संवर्धन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर


सहारनपुर में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार शाम चार बजे विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत 28 लाभार्थियों को चयन एवं अनुमति पत्र वितरित किए। इनमें 14 महिला और 14 पुरुष लाभार्थी शामिल थे। कार्यक्रम में डेयरी विकास, पशुपालन, स्वदेशी गौ-संवर्धन और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता गांव-गांव में दूध सहकारी समितियों का गठन कर किसानों को उनके गांव में ही दूध का उचित मूल्य उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देकर पशुधन का विकास किया जाएगा, जिससे पशुपालकों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कार्यक्रम में अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत दो स्वदेशी गाय खरीदने पर 40 प्रतिशत या अधिकतम 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 25 गायों की इकाई स्थापित करने पर परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 31.25 लाख रुपये) तक का अनुदान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, मिनी नंदिनी समृद्धि योजना में 10 गायों की इकाई पर लगभग 11.80 लाख रुपये तक की सहायता मिलती है। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना में अधिक दूध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को 10 हजार से 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था है। उप दुग्धशाला विकास अधिकारी रामशरण ने नंद बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश दुग्ध नीति-2022 और दुग्ध सहकारिता की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह गौर ने पशु टीकाकरण, पशुपालन प्रबंधन और लम्पी स्किन रोग से बचाव के उपायों की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने पशु पोषण, हरा चारा उत्पादन और आधुनिक डेयरी प्रबंधन पर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। कार्यक्रम में डेयरी विशेषज्ञों, बैंक अधिकारियों और नाबार्ड प्रतिनिधियों ने भी पशुपालन क्षेत्र में उपलब्ध वित्तीय सहायता और विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लाभार्थी आदित्य कुमार त्यागी ने गोबर और गौमूत्र से तैयार उत्पादों के माध्यम से स्वरोजगार की अपनी सफलता की कहानी साझा की।
कार्यक्रम में दुग्धशाला विकास विभाग, नंद बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध संघ के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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