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उन्नाव में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को जिला कृषि अधिकारी शशांक ने सफीपुर और सदर तहसील क्षेत्र में उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, जबकि एक सहकारी समिति को कड़ी चेतावनी जारी की गई। निरीक्षण के दौरान जिला कृषि अधिकारी ने अपेक्षा पाल खाद भंडार, प्रभात कृषि सेवा केंद्र सफीपुर, द्विवेदी खाद भंडार सफीपुर, यादव खाद भंडार मुंडाकुल और उदाशाह साधन सहकारी समिति का जायजा लिया। अपेक्षा पाल खाद भंडार पर उर्वरक वितरण में अनियमितताएं पाई गईं। वहीं, यादव खाद भंडार निरीक्षण के समय बंद मिला, जिसके चलते दोनों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। उदाशाह साधन सहकारी समिति में भी कई कमियां सामने आईं। इस पर जिला कृषि अधिकारी ने समिति को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरक का वितरण शासन के नियमों के अनुसार ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी शशांक ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों को उनकी जोत और भूमि के अनुसार निर्धारित मात्रा में तथा सरकार द्वारा तय मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्टॉक और वितरण रजिस्टर को नियमित रूप से अपडेट रखने, उर्वरकों का सुरक्षित भंडारण करने और फॉर्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली, स्टॉक में गड़बड़ी या अन्य अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विक्रेता स्वयं जिम्मेदार होगा। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे उर्वरक खरीदते समय अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री अथवा खतौनी के आधार पर निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक खरीदें।
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