दिल्ली SIR- केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं को नोटिस:चुनाव आयोग ने 33.13 लाख मतदाताओं से जवाब मांगा


दिल्ली में जारी SIR के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख मतदाताओं को नोटिस मिला है। चुनाव अधिकारियों ने उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में गड़बड़ियां बताई हैं। हालांकि, रेखा गुप्ता की वोटर एंट्री वैलिडेट कर दी गई है। उनका नाम शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल होगा। यह लिस्ट 4 नवंबर को जारी होगी। केजरीवाल को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर रिकॉर्ड को पिछली SIR से लिंक नहीं होने पर नोटिस मिला है। उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, माता-पिता और बेटे को भी इसी वजह से नोटिस भेजा गया है। दिल्ली के CEO ऑफिस के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल 33.13 लाख मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म की गड़बड़ियों पर नोटिस भेजे जाएंगे। अब तक 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस मिल चुका है। दिल्ली CEO ऑफिस ने शनिवार, 19 सितंबर को जारी बयान में यह जानकारी दी। रेखा गुप्ता की एंट्री को लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाली सूची में रखा गया था। अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री को उम्र से जुड़ी गड़बड़ी के कारण नोटिस मिला था। जांच के बाद उनकी एंट्री वैलिडेट कर दी गई। दिल्ली के हर वोटर को 30 जून से 17 अगस्त तक चले घर-घर सत्यापन अभियान के दौरान भरा हुआ फॉर्म जमा करना था। अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर नोटिस पिछली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR, जो 2002 में हुई थी, के रिकॉर्ड नहीं मिलने पर भेजे गए हैं। इन नेताओं को भी नोटिस पूर्व दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, राज्यसभा सांसद कपिल सिबल और BJP नेता सुधांशु मित्तल को भी नोटिस भेजा गया है। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर कपिल सिबल को पिछली SIR से रिकॉर्ड लिंक नहीं होने के कारण नोटिस मिला है। पूर्व दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बताया कि उन्हें नाम से जुड़ी गड़बड़ी के कारण नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि जरूरी दस्तावेजों के जरिए इसे ठीक करा लेंगे। सचदेवा ने बताया कि उनकी पत्नी और भाई का नाम भी नोटिस पाने वालों की सूची में है। उन्होंने कहा कि जरूरी सुधार करा दिए जाएंगे। केजरीवाल फरवरी पिछले साल हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से हार गए थे। केजरीवाल और उनके परिवार को नोटिस मिलने पर AAP के नेशनल मीडिया इंचार्ज अनुराग धांडा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल जी और उनके परिवार के वोट दिल्ली की वोटर लिस्ट से गायब करने की यह कैसी प्रक्रिया है?” 30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां दिल्ली CEO ऑफिस ने बताया कि SIR के दावे और आपत्तियों के चरण के तहत नोटिस भेजे जा रहे हैं। यह चरण 30 सितंबर को खत्म होगा। नोटिस पाने वाले सभी 33 लाख मतदाताओं की सूची दिल्ली CEO ऑफिस की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। CEO ऑफिस ने कहा, “नोटिस उन मतदाताओं को भेजे जा रहे हैं, जिनका रिकॉर्ड पिछली SIR की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं हो सका।” “इनमें वे मतदाता भी शामिल हैं, जिनके रिकॉर्ड को पिछली वोटर लिस्ट से जोड़ने में गड़बड़ी मिली है।” नोटिस पाने वाले मतदाताओं को 29 अक्टूबर तक जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे। यह दस्तावेज संबंधित विधानसभा क्षेत्र के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स यानी EROs को देने होंगे। दिल्ली CEO ऑफिस ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रमुख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए गए हैं। इनमें न्यायपालिका, जनप्रतिनिधियों और कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल तथा सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े लोग शामिल हैं। इन नामों को पहले वोटर डेटाबेस में जांच के लिए चिन्हित किया गया था। अब दावे और आपत्तियों के चरण में जरूरी दस्तावेज जुटाए जा सकेंगे।

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