प्रयागराज में ग्राम चौपाल में खुलीं योजनाओं की खामियां:पेंशन नहीं मिलने की शिकायत, अधूरे चकमार्ग और नाली पर जांच के आदेश


प्रयागराज के जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से मंगलवार को फूलपुर तहसील के कुसुंगुर गांव में ग्राम चौपाल आयोजित की गई। ग्राम सचिवालय में हुई चौपाल में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पेंशन भुगतान और विकास कार्यों में अनियमितताएं भी सामने आईं। चौपाल में नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, एडीओ पंचायत बहरिया, खंड शिक्षा अधिकारी लालजी शर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान गांव में संचालित विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का मौके पर सत्यापन किया गया। स्कूलों, आवास योजनाओं और पेंशन का किया सत्यापन एसडीएम ने प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं का सत्यापन कराया। इसके अलावा अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, आरआरसी सेंटर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, वृक्षारोपण, चकमार्ग निर्माण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं की भी समीक्षा की। पेंशन नहीं मिलने की शिकायत, अधूरे मिले विकास कार्य सत्यापन के दौरान वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी सीमा देवी ने शिकायत की कि उनके खाते में पेंशन की राशि नहीं पहुंच रही है। वहीं ग्रामीणों ने दो चकमार्ग और एक अंडरग्राउंड नाली का निर्माण कार्य अधूरा होने की जानकारी दी। इस पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार राकेश सिंह को मौके पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 26 पुराने भूमि विवादों की दोबारा होगी जांच भूमि संबंधी शिकायतों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पहले दर्ज 26 मामलों में शिकायतकर्ता संजय निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं। इस पर एसडीएम ने सभी पुराने मामलों का दोबारा सत्यापन कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौपाल में मिली छह नई शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। नियमित लगेंगी ग्राम चौपाल उप जिलाधिकारी ने बताया कि तहसील फूलपुर के विभिन्न गांवों में नियमित रूप से ग्राम चौपाल आयोजित की जाएगी, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का गांव स्तर पर ही समाधान हो सके और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जा सके।

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