सहारनपुर में ट्रक बेचने के बाद किस्तें नहीं चुकाईं:वाहन छिपाने और संदिग्ध इस्तेमाल की आशंका जताई, मालिक को जान से मारने की धमकी, कोर्ट के आदेश पर FIR


सहारनपुर में ट्रक बेचने के बाद तय शर्तों के अनुसार बैंक की किस्तें जमा नहीं करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि खरीदार ने वाहन भी गायब कर दिया है, जिससे उसे आशंका है कि ट्रक का इस्तेमाल किसी संदिग्ध गतिविधि में किया जा सकता है। मामले में कोर्ट के आदेश पर थाना मंडी पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक की किस्तें भरने का हुआ था समझौता फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव कलालहटी निवासी सवेज पुत्र अखलाक ने तहरीर में बताया कि उसके पास UP11DT3685 (आइशर 3019 प्रो) ट्रक था। उसने 16 सितंबर 2025 को यह वाहन उसामा पुत्र सऊद अहमद निवासी मोहल्ला मुफ्तियों, थाना मंडी और इसरान निवासी सहारनपुर को बेच दिया था। दोनों के बीच कुल 2.65 लाख रुपये में सौदा हुआ। इसमें से 2.50 लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए गए, जबकि वाहन पर चल रही इंडसलैंड बैंक की करीब 50 किस्तें खरीदार द्वारा हर माह जमा करने का समझौता हुआ था। किस्तें बंद होने पर बैंक पहुंचने लगा घर पीड़ित का आरोप है कि कुछ समय बाद आरोपियों ने बैंक की किस्तें जमा करना बंद कर दिया। इसके बाद बैंक के कर्मचारी लगातार उसके घर पहुंचकर बकाया किस्त जमा करने का दबाव बना रहे हैं। इससे उसे आर्थिक नुकसान के साथ सामाजिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धमकी देने और वाहन छिपाने का आरोप सवेज का कहना है कि जब उसने आरोपियों से किस्त जमा करने या वाहन वापस करने की बात कही तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि आरोपी न तो वाहन दिखा रहे हैं और न ही उसे वापस कर रहे हैं। पीड़ित ने आशंका जताई है कि ट्रक को कहीं छिपा दिया गया है और उसका इस्तेमाल किसी गलत या संदिग्ध कार्य में किया जा सकता है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा पीड़ित की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद थाना मंडी पुलिस ने आरोपियों उसामा और इसरान के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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