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पशुपालन विभाग से जुड़े पैरावेट, पशु मित्र, एआई कार्यकर्ता और वैक्सीनेटरों ने 3 अगस्त सोमवार दोपहर बाद अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन रुदौली विधायक रामचंद्र यादव को सौंपा। उन्होंने लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान और शीघ्र कार्रवाई की अपील की। ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेशभर में लगभग 19 हजार पैरावेट, पशु मित्र, मैत्री और वैक्सीनेटर पशुपालन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में लगातार सेवाएं दे रहे हैं। ये कर्मी पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, टैगिंग, टीकाकरण, बधियाकरण, भारत पशुधन ऐप पर डेटा अपलोड करने के साथ ही गौ आश्रय स्थलों में पशुओं की चिकित्सा और अन्य विभागीय कार्यों का दायित्व निभाते हैं। इसके बावजूद, उन्हें विभाग या सरकार की ओर से कोई निश्चित मासिक मानदेय नहीं मिलता है। कर्मियों ने ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सभी पैरावेट और पशु मित्रों को निश्चित मासिक मानदेय देना, पशुपालन विभाग में रिक्त पदों पर योग्यता के अनुसार समायोजित करना, 21वीं पशुगणना, फेस-5, फेस-7, एफएमडी तथा कृत्रिम गर्भाधान की लंबित प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान करना, सभी कर्मियों को दुर्घटना बीमा योजना से जोड़ना और वर्ष 2025 की पशुगणना का बकाया भुगतान जल्द जारी करना शामिल है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद विधायक रामचंद्र यादव ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मियों की मांगों को शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि सकारात्मक और न्यायोचित समाधान निकल सके। विधायक ने कहा कि वह जनहित और कर्महित से जुड़े प्रत्येक विषय के समाधान के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर जितिन कुमार, धर्मेंद्र कुमार, रमेश, दान बहादुर, हरिओम, विजय कुमार, मनोज कुमार, महेश कुमार, प्रदीप, मोहित, जोगी लाल सहित बड़ी संख्या में पैरावेट, पशु मित्र और वैक्सीनेटर उपस्थित रहे।
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पैरावेट कर्मियों ने उठाई नियमित मानदेय की मांग:मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, पांच प्रमुख मांगें रखीं