वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के अभय क्लीनिक एंड मैटरनिटी होम में प्रसव पीड़ा के बाद पहुंची प्रसूता को डॉक्टरों ने खराब हालत पर भर्ती कर लिया। हाईरिस्क प्रेगनेंसी होने के बावजूद अस्पताल में डिलीवरी कर दी। डिलीवरी के बाद जुड़वा बच्चों को जन्म दिया तो ब्लीडिंग शुरू हो गई। महिला और बच्चों की गंभीर हालत में चिकित्सकों के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन दोनों बच्चों को शहर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया और महिला का इलाज करते रहे। आरोप है कि महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई और डॉक्टर बिल थमाते रहे। देर रात महिला की मौत पर किसी को सूचना नहीं दी सुबह महिला के मुंह से झाग देखकर परिजनों ने सवाल किए तो मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर समेत पूरा स्टाफ महिला का शव छोड़कर फरार हो गया। बाद में एक वार्ड ब्यॉय ने मामला बिगड़ता देखकर अस्पताल का बोर्ड भी हटा दिया। इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल में तोड़फोड़ की गई और बाद में परिजनों ने शव को NH-29 पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब दो घंटे से लंबा जाम लगा हुआ है। परिजनों ने बताया कल कराया था भर्ती परिजनों ने बताया कि प्रसव पीड़ा के चलते 2 अगस्त को कंचन कुमारी को भर्ती कराया गया था, उसने रात में जुड़वा बेटों को जन्म दिया था। इसके बाद इलाज के लिए उन्हें रुस्तमपुर के चौधरी नगर स्थित अभय क्लीनिक एंड मैटरनिटी होम ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका के पति मिथिलेश कुमार की तहरीर पर अस्पताल के डॉक्टर महेंद्र यादव, एक झोलाछाप डॉक्टर तथा एक नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसीपी सारनाथ विनय द्विवेदी ने बताया कि संबंधित डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और NH-29 पूरी तरह से बाधित है। स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने के प्रयास जारी हैं।
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वाराणसी में गर्भवती की मौत पर परिजनों का चक्काजाम-हंगामा:अभय क्लीनिक में हुई थी डिलीवरी, बोर्ड तोड़कर डॉक्टर-स्टाफ फरार