कानपुर14 मिनट पहले
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कानपुर के रावतपुर स्थित चर्चित नेगी गेस्ट हाउस के संचालक गजेंद्र सिंह नेगी ने फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने, धमकाने और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर पर पुलिस ने 11 नामजद और 29 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गजेंद्र सिंह नेगी पर पहले से 20 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
केशवपुरम निवासी गजेंद्र सिंह नेगी का आरोप है कि पहले उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर ‘गजेंद्र सिंह नेगी मुक्ति मोर्चा’ के नाम से फर्जी आईडी बनाकर उनकी और उनके परिवार की तस्वीरों के साथ मनगढ़ंत पोस्ट वायरल की गईं। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य उनकी सामाजिक छवि खराब करना और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था।
नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम से एक और फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाई गई, जिसके जरिए भ्रामक संदेश और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की गई।
मुकदमे वापस लेने का बनाया जा रहा दबाव
गजेंद्र सिंह नेगी का आरोप है कि विभिन्न मामलों में पैरवी करने और अधिकारियों से शिकायत करने के बाद उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर पूरे परिवार को फर्जी मामलों में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है।
11 नामजद, 29 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर
पुलिस ने तहरीर के आधार पर विवेक कुमार गुप्ता, योगेश कुमार सिंह, रविकांत बाजपेई, बृजेश कुमार सिंह, साधना सचान, देवेंद्र सिंह, कार्तिक पांडेय, ललित कुमार पांडेय, आशीष दीवान, अरुण कुमार अवस्थी और अमित कटियार को नामजद किया है। इसके अलावा 29 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया खातों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
