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फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार शाम करीब 5 बजे गंगा का जलस्तर 136.80 मीटर दर्ज किया गया, जो 136.60 मीटर के चेतावनी बिंदु से 20 सेंटीमीटर ऊपर है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। दो दिन में 40 सेंटीमीटर बढ़ा पानी सिंचाई विभाग के अनुसार, पिछले दो दिनों में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। शुक्रवार रात जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि शनिवार सुबह से शाम तक इसमें 10 सेंटीमीटर का और इजाफा हुआ। नरौरा बांध से 1,72,721 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। पांचाल घाट की चार सीढ़ियां पानी में समाईं बढ़ते जलस्तर का असर पांचाल घाट पर साफ दिखाई दे रहा है। घाट की चार सीढ़ियां गंगा के पानी में डूब चुकी हैं और अब केवल दो सीढ़ियां ही दिखाई दे रही हैं। घाट का निचला हिस्सा पहले से ही जलमग्न हो चुका है। तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पहले ही आवश्यक तैयारियां पूरी कर लेने का दावा किया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। रामगंगा का जलस्तर अभी सामान्य रामगंगा नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे की स्थिति में नहीं है और गेज से नीचे बना हुआ है। विभाग के अनुसार खो बैराज से 1400 क्यूसेक, रामनगर बैराज से 795 क्यूसेक और हरेली बैराज से 140 क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़ा गया है। स्थानीय लोगों ने भी जताई चिंता पांचाल घाट पर मौजूद एक पांडा ने बताया कि पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पानी बढ़ने से घाट की चार सीढ़ियां पूरी तरह डूब चुकी हैं और यदि यही स्थिति बनी रही तो जलस्तर में आगे भी वृद्धि हो सकती है।
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गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 20 सेमी ऊपर:फर्रुखाबाद में 136.80 सेमी पहुंचा, पक्के घाट की सीढ़ियां डूबीं