![]()
भदोही में भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने अनुसूचित जाति उप योजना (एससीएसपी) और जनजाति उप योजना (टीएसपी) के अंतर्गत स्थापित चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों की विशेष प्रकृति को संरक्षित रखने और इस संबंध में राज्य सरकार से आवश्यक कानूनी पहल करने की मांग की। मोर्चा ने ज्ञापन में अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संस्थानों की स्थापना अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखकर की गई थी। इसलिए इनकी विशेष प्रकृति का विधिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि राज्य सरकार इन मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रभावी पैरवी करे और आवश्यकता पड़ने पर संवैधानिक स्तर पर आवश्यक हस्तक्षेप भी सुनिश्चित करे। साथ ही इन चारों मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से जुड़े सभी अभिलेख, बजटीय स्वीकृतियां, निधि आवंटन और संबंधित शासनादेशों का समुचित परीक्षण कराया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि यदि राज्य सरकार यह मानती है कि इन संस्थानों की स्थापना विशेष सामाजिक न्याय के उद्देश्य से हुई थी, तो उसे सर्वोच्च न्यायालय में भी उसी आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहिए। न्यायालय में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे और अन्य अभिलेख संविधान की भावना, विधिक तथ्यों और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के अनुरूप होने चाहिए। भारत मुक्ति मोर्चा ने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार महाधिवक्ता, संवैधानिक विधि विशेषज्ञों, न्याय विभाग और अनुसूचित जाति आयोग से परामर्श लेकर उपयुक्त वैधानिक कदम उठाए, ताकि इन संस्थानों की मूल अवधारणा और उद्देश्य सुरक्षित रह सकें। प्रदर्शन के दौरान भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष काशीराम सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Source link
भदोही में भारत मुक्ति मोर्चा का प्रदर्शन:4 मेडिकल कॉलेजों की विशेष संवैधानिक स्थिति बनाए रखने की मांग, राज्यपाल के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन